सामाजिक मंच ने नगर परिषद से 15 बिंदुओं पर मांगा जवाब, पुराने-नये दर से होल्डिंग टैक्स वसूली और बकाया निर्धारण में विसंगतियों की जांच की मांग

डुमरांव नगर परिषद में होल्डिंग टैक्स एवं सम्पत्ति कर की वसूली को लेकर सामाजिक मंच ने अब दस्तावेजों के साथ जवाब मांगते हुए मोर्चा खोल दिया है। 30 सितंबर की शाम पुराने चकबंदी कार्यालय के समीप हुई बैठक में कर निर्धारण एवं वसूली की प्रक्रिया में कथित अस्पष्टता और करदाताओं के समक्ष उत्पन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

सामाजिक मंच ने नगर परिषद से 15 बिंदुओं पर मांगा जवाब, पुराने-नये दर से  होल्डिंग टैक्स वसूली और बकाया निर्धारण में विसंगतियों की जांच की मांग

__ सम्पत्ति कर के आधार वर्ष से लेकर बैंक खातों तक का हिसाब मांगा

केटी न्यूज/डुमरांव।

डुमरांव नगर परिषद में होल्डिंग टैक्स एवं सम्पत्ति कर की वसूली को लेकर सामाजिक मंच ने अब दस्तावेजों के साथ जवाब मांगते हुए मोर्चा खोल दिया है। 30 सितंबर की शाम पुराने चकबंदी कार्यालय के समीप हुई बैठक में कर निर्धारण एवं वसूली की प्रक्रिया में कथित अस्पष्टता और करदाताओं के समक्ष उत्पन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद सामाजिक मंच की ओर से कार्यपालक पदाधिकारी को 15 बिंदुओं वाला मांग-पत्र सौंपकर संबंधित आदेश, अधिसूचना, डिमांड रजिस्टर, वसूली और बैंक जमा से जुड़े अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की गई है।बैठक की अध्यक्षता ललन कुशवाहा ने की, जबकि संचालन समता कुमार ने किया। बैठक में ललन सिंह यादव, राजेन्द्र केशरी, बलराम यादव, मो. शमीम, रिंकू यादव, रमेश केशरी, सुरेश यादव, बीरबल चौधरी, बुधन यादव एवं कैलाश कुमार समेत अन्य सदस्यों ने भाग लिया। समापन मंच के संयोजक प्रदीप कुमार शरण ने किया।

__ सबसे बड़ा सवाल—सम्पत्ति कर आखिर किस वर्ष से लागू हुआ?

सामाजिक मंच ने नगर परिषद से स्पष्ट करने को कहा है कि डुमरांव में सम्पत्ति कर किस वित्तीय वर्ष से प्रभावी हुआ। मांग-पत्र में 2011-12, 2013-14, 2016-17 अथवा 2021-22 में वास्तविक आधार वर्ष कौन-सा है, इसका प्रमाणित सरकारी आदेश एवं अधिसूचना मांगी गई है। साथ ही पूर्व वर्षों का बकाया किस आधार पर निर्धारित किया गया, इसकी भी जानकारी मांगी गई है।मंच ने 2011-12 से 2026-27 तक होल्डिंग टैक्स एवं सम्पत्ति कर से हुई वसूली का वर्षवार ब्योरा भी मांगा है। राशि किस-किस बैंक खाते में जमा हुई और संबंधित बैंक का नाम क्या है, इसका विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है। वहीं कर की दरों में बदलाव की सूचना करदाताओं को कब, किस माध्यम से और किस आदेश के आधार पर दी गई, इसका भी जवाब मांगा गया है।

__ बकाया राशि पर भी उठे सवाल

सामाजिक मंच ने निजी एजेंसी द्वारा तैयार बकाया राशि की पूरी सूची, डिमांड नोटिस जारी किए जाने का वर्ष तथा करदाताओं की डिमांड और भुगतान राशि में किए गए संशोधनों से संबंधित आदेश मांगे हैं। एक अप्रैल 2023 से एक अक्टूबर 2026 तक कर वसूली में लगी निजी एजेंसियों के नाम, कार्यादेश, अनुबंध अवधि, वसूली राशि और बैंक जमा का विवरण भी मांगा गया है।मांग-पत्र में नगर परिषद के 35 वार्डों में उपलब्ध कुल होल्डिंग की वार्डवार संख्या, सड़क की श्रेणी निर्धारित करने के सरकारी मानक तथा आवासीय, वाणिज्यिक और मिश्रित भवनों पर लागू कर की दरों का आधार भी सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

__ पुराने-नये दर से वसूली की जांच की मांग

मंच ने आरोप लगाया है कि एक ही वित्तीय अवधि में पुराने और नये दर से कर वसूली, मैनुअल रसीद से पुराने दर पर भुगतान, वर्ष 2022 तक की वसूली के अभिलेख तथा डिमांड रजिस्टर उपलब्ध नहीं होने जैसी स्थितियों से करदाताओं में असमंजस पैदा हो रहा है। हालांकि मंच ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को आरोपित करना नहीं, बल्कि कर निर्धारण और वसूली की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।सामाजिक मंच ने त्रुटिपूर्ण अथवा विवादित बकाया राशि की अभिलेखीय जांच कर सुधार करने, निजी एजेंसियों द्वारा किए गए डाटा परिवर्तन की जांच कराने तथा भविष्य में निर्धारित नियम और दर के अनुसार पारदर्शी तरीके से कर वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है। मंच के संयोजक प्रदीप कुमार शरण ने कहा कि स्पष्ट अभिलेख सामने आने से करदाताओं को सही राशि का भुगतान करने और नगर परिषद के राजस्व को मजबूत करने में मदद मिलेगी।