केसठ में तालाबों का होगा कायाकल्प: वरुणा वेवरेज को मिला अनापत्ति प्रमाण पत्र
केसठ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न तालाबों के जीर्णाेद्धार और सौंदर्यीकरण का रास्ता अब साफ हो गया है। ग्राम पंचायत द्वारा वरुणा वेवरेज लिमटेड , नवानगर बक्सर को इस कार्य के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही वर्षों से उपेक्षित पड़े तालाबों के कायाकल्प की उम्मीद जगी है।
केटी न्यूज/केसठ
केसठ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न तालाबों के जीर्णाेद्धार और सौंदर्यीकरण का रास्ता अब साफ हो गया है। ग्राम पंचायत द्वारा वरुणा वेवरेज लिमटेड , नवानगर बक्सर को इस कार्य के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही वर्षों से उपेक्षित पड़े तालाबों के कायाकल्प की उम्मीद जगी है। इस पहल के तहत मौजा डिहरा, केसठ पोखरा टोला स्थित तालाब एवं प्रखंड परिसर के समीप अवस्थित तालाब का व्यापक विकास किया जाएगा। पंचायत द्वारा जारी पत्र के अनुसार कंपनी जल संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कार्य कराएगी।

-- इन कार्यों से बदलेगी तालाबों की सूरत
परियोजना के अंतर्गत तालाबों के भीतर और आसपास जल संचय व्यवस्था वर्षा जल के बेहतर संरक्षण हेतु आधुनिक तकनीकों का उपयोग, पौधरोपण तालाब किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए व्यापक पौधरोपण एवं लाइटिंग व्यवस्था सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए आकर्षक प्रकाश व्यवस्था के अलावे फेबर ब्लॉक व घाट निर्माण तालाब किनारे पेबर ब्लॉक बिछाने के साथ पक्के घाटों का निर्माण, जिससे आमजन और पर्व-त्योहारों में सुविधा मिले

-- पंचायत ने दी सहमति
ग्राम पंचायत ने स्पष्ट किया है कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए कंपनी द्वारा किए जाने वाले इन कार्यों पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इस परियोजना से न केवल भूजल स्तर में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को टहलने, बैठने और छठ जैसे महापर्वों के आयोजन के लिए स्वच्छ व सुंदर स्थल भी उपलब्ध होगा। इस संबंध में प्रखंड प्रमुख मुन्ना सिंह ने अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत करते हुए कहा कि तालाब हमारे गांव की धरोहर हैं, इनके संरक्षण और सौंदर्यीकरण से पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। पंचायत की सहमति जनहित को ध्यान में रखकर दी गई है तथा कार्य गुणवत्ता के साथ कराया जाएगा।वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि लंबे समय से उपेक्षित पड़े तालाब अब नए स्वरूप में विकसित होकर क्षेत्र की पहचान बनेंगे।

