नवाचार की खुशबू से महका बक्सर का बाजार समिति परिसर
बक्सर का बाजार समिति परिसर गुरुवार को खेत-खलिहान की खुशबू और नवाचार की चमक से सराबोर दिखा। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) द्वारा आयोजित दो दिवसीय किसान मेले का आगाज उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ, जहां पारंपरिक खेती और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला।

-- दो दिवसीय किसान मेले में तकनीक, प्रतियोगिता और सम्मान का संगम
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर का बाजार समिति परिसर गुरुवार को खेत-खलिहान की खुशबू और नवाचार की चमक से सराबोर दिखा। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) द्वारा आयोजित दो दिवसीय किसान मेले का आगाज उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ, जहां पारंपरिक खेती और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला।मेले का उद्घाटन जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी, अपर समाहर्ता अरुण कुमार सिंह, बीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पारसनाथ और जिला कृषि पदाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अधिकारियों ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, बल्कि खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल है।

-- फल-फूल-सब्जी प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
मेले में आयोजित फल-फूल-सब्जी प्रदर्शनी-सह-प्रतियोगिता ने सबका ध्यान खींचा। जिले के प्रगतिशील किसानों ने मशरूम, अनाज, ताजी सब्जियों और रंग-बिरंगे फूलों की बेहतरीन किस्में प्रदर्शित कीं। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसानों को दूसरे दिन पुरस्कृत किया जाएगा।
-- फार्मर रजिस्ट्री में बेहतर कार्य करने वालों को सम्मान
कार्यक्रम के दौरान फार्मर रजिस्ट्री में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों को सम्मानित किया गया। इससे न केवल प्रशासनिक तंत्र का मनोबल बढ़ा, बल्कि किसानों में भी पारदर्शी व्यवस्था को लेकर विश्वास मजबूत हुआ।

-- 25 से अधिक स्टॉल पर आधुनिक खेती की झलक
मेले में 25 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जहां कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, उद्यान, मत्स्य, वन और कृषि यंत्रीकरण विभाग ने आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी। जैविक खेती, मल्चिंग, पराली प्रबंधन और फसल उत्पादन के लाइव मॉडल किसानों के लिए खास आकर्षण रहे।मेले का आयोजन 27 फरवरी तक जारी रहेगा, जहां चयनित किसानों को सम्मानित कर उनके प्रयासों को नई पहचान दी जाएगी। बक्सर का यह किसान मेला न केवल जानकारी का मंच बना, बल्कि आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में प्रेरक कदम भी साबित हो रहा है।

