भोपाल के फर्जी डीएलएड प्रमाणपत्र पर शिक्षक बने विकास पर निगरानी ने दर्ज कराई प्राथमिकी

सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने प्राथमिक विद्यालय नावाडीह में कार्यरत शिक्षक विकास कुमार के खिलाफ कोरानसराय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

भोपाल के फर्जी डीएलएड प्रमाणपत्र पर शिक्षक बने विकास पर निगरानी ने दर्ज कराई प्राथमिकी

__ कोरानसराय थाने में केस दर्ज, रोहतास के बभनी गांव का निवासी है आरोपित शिक्षक; गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही छापेमारी

केटी न्यूज/डुमरांव। 

सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने प्राथमिक विद्यालय नावाडीह में कार्यरत शिक्षक विकास कुमार के खिलाफ कोरानसराय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि विकास कुमार ने भोपाल से डीएलएड का फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। प्रमाणपत्र के सत्यापन में गड़बड़ी सामने आने के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपित की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपित शिक्षक विकास कुमार रोहतास जिले के बभनी गांव के निवासी हैं। उनके पिता का नाम गोरख प्रसाद बताया गया है। विकास कुमार प्राथमिक विद्यालय नावाडीह में कार्यरत थे। उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्र को लेकर निगरानी विभाग को सूचना मिली थी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान संबंधित शैक्षणिक दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। इस क्रम में भोपाल से प्राप्त बताया जा रहा डीएलएड प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया।

__ सत्यापन में खुली कथित फर्जीवाड़े की पोल

सूत्रों के अनुसार, निगरानी विभाग ने संबंधित शिक्षक को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया था। हालांकि, प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए कानूनी कार्रवाई का निर्णय लिया। इसके बाद कोरानसराय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस अब मामले की जांच और आरोपित की गिरफ्तारी की कार्रवाई में जुटी है।कोरानसराय थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने प्राथमिकी दर्ज होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपित शिक्षक की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

__ प्रमाणपत्रों की जांच से फर्जी शिक्षकों में बढ़ी बेचैनी

गौरतलब है कि पटना उच्च न्यायालय के निर्देश पर निगरानी विभाग नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच कर रहा है। इस अभियान के तहत प्रमाणपत्रों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। विकास कुमार के खिलाफ हुई कार्रवाई को इसी जांच अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। मामले ने एक बार फिर सरकारी नियुक्तियों में शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन की गंभीरता को उजागर किया है। हालांकि, आरोपित के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।