बक्सर की रामलीला में गूंजा जय श्रीराम, सुग्रीव-बाली प्रसंग ने बांधा समां
ऐतिहासिक किला मैदान में आयोजित 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव के तेरहवें दिन भक्ति, आस्था और पौराणिक प्रसंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। शुक्रवार को दिन में कृष्ण लीला के तहत माखन चोरी प्रसंग का मनोहारी मंचन हुआ, जबकि देर रात रामलीला में सुग्रीव मित्रता एवं बाली वध की लीला ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

__ तेरहवें दिन माखन चोरी लीला में बाल कृष्ण की नटखट अदाओं ने मोहा मन, मित्रता, वचनपालन और धर्म की रक्षा का दिया संदेश
केटी न्यूज/बक्सर।
ऐतिहासिक किला मैदान में आयोजित 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव के तेरहवें दिन भक्ति, आस्था और पौराणिक प्रसंगों का अद्भुत संगम देखने को मिला। शुक्रवार को दिन में कृष्ण लीला के तहत माखन चोरी प्रसंग का मनोहारी मंचन हुआ, जबकि देर रात रामलीला में सुग्रीव मित्रता एवं बाली वध की लीला ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। श्री रामलीला समिति, बक्सर के तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में श्रीधाम वृंदावन से आई श्री बाल कृष्ण रासलीला एवं रामलीला मंडली के कलाकारों ने स्वामी श्री मोहन श्याम भारद्वाज के निर्देशन में सजीव अभिनय से पौराणिक कथाओं को मंच पर जीवंत कर दिया। रामलीला के दौरान पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजता रहा।

__ सुग्रीव से मित्रता, बाली वध और वचनपालन की सीख
रात्रिकालीन रामलीला में माता सीता की खोज के दौरान भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के माता शबरी के आश्रम पहुंचने का प्रसंग दिखाया गया। माता शबरी उन्हें ऋष्यमूक पर्वत पर निवास कर रहे सुग्रीव के बारे में बताती हैं। इसके बाद दोनों भाई सुग्रीव से मिलने पहुंचते हैं। सुग्रीव के कहने पर हनुमान जी ब्राह्मण वेश धारण कर श्रीराम और लक्ष्मण से परिचय प्राप्त करते हैं। प्रभु श्रीराम को पहचानने के बाद हनुमान जी उन्हें सुग्रीव के पास ले जाते हैं।इसके बाद श्रीराम और सुग्रीव के बीच मित्रता होती है।

सुग्रीव अपने भाई बाली के अत्याचारों और अपने साथ हुए अन्याय की व्यथा सुनाते हैं। मित्रता निभाने का संकल्प लेकर भगवान श्रीराम बाली का वध करते हैं और सुग्रीव को किष्किंधा का राजपाट सौंपते हैं। आगे सुग्रीव के अपने वचन को भूल जाने पर लक्ष्मण जी उन्हें उनके दायित्व का स्मरण कराते हैं। इसके बाद सुग्रीव वानर एवं भालुओं की सेना को माता सीता की खोज में रवाना करते हैं। इस प्रसंग ने मित्रता की मर्यादा, वचन की महत्ता और अन्याय के विरुद्ध धर्म की स्थापना का संदेश दिया।

__ माखन चोरी लीला में कान्हा की अदाओं पर झूमे दर्शक
दिन में मंचित कृष्ण लीला में बाल कृष्ण की नटखट माखन चोरी ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। गोकुल में सखाओं के साथ माखन चुराते कान्हा की शरारतों से परेशान गोपियां माता यशोदा से शिकायत करती हैं। वहीं, माता यशोदा के सवालों पर बाल कृष्ण की भोली-भाली बातें और मनमोहक अदाएं सभी का मन मोह लेती हैं। इस प्रसंग में बाल कृष्ण के वात्सल्यपूर्ण स्वरूप, निश्छल प्रेम और बाल सुलभ चंचलता की सुंदर झलक देखने को मिली।

__ आस्था और संस्कृति का संगम है विजयादशमी महोत्सव : हरिशंकर गुप्ता
श्री रामलीला समिति, बक्सर के संयुक्त सचिव सह मीडिया प्रभारी हरिशंकर गुप्ता ने कहा कि विजयादशमी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। रामलीला और कृष्ण लीला के प्रसंग लोगों को सत्य, धर्म, मित्रता, प्रेम तथा कर्तव्यपालन की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि समिति का प्रयास है कि महोत्सव के माध्यम से बक्सर की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को संरक्षित करते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाए।कार्यक्रम में समिति के सचिव बैकुंठ नाथ शर्मा, संयुक्त सचिव सह मीडिया प्रभारी हरिशंकर गुप्ता, कोषाध्यक्ष सुरेश संगम, कृष्ण कुमार वर्मा, उदय सर्राफ उर्फ जोखन, गिरधारी अग्रवाल, नारायण राय सहित समिति के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

