डुमरांव को जाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में बड़ी पहल, बाईपास के आरओबी को रेलवे की हरी झंडी

डुमरांव बाजार को जाम के शिकंजे से बाहर निकालने और शहर की यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। एनएच-120 पर प्रस्तावित डुमरांव बाईपास के रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के सामान्य तकनीकी नक्शे को पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय, हाजीपुर से मंजूरी मिल गई है।

डुमरांव को जाम से मुक्ति दिलाने की दिशा में बड़ी पहल, बाईपास के आरओबी को रेलवे की हरी झंडी

__ विधायक राहुल कुमार सिंह की पहल रंग लाई, 210 करोड़ की परियोजना का रास्ता साफ; डीपीआर के बाद टेंडर की उम्मीद

केटी न्यूज/डुमरांव।

डुमरांव बाजार को जाम के शिकंजे से बाहर निकालने और शहर की यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ी कामयाबी मिली है। एनएच-120 पर प्रस्तावित डुमरांव बाईपास के रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के सामान्य तकनीकी नक्शे को पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय, हाजीपुर से मंजूरी मिल गई है। करीब 210 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए रेलवे की हरी झंडी मिलने से निर्माण की राह में खड़ी एक बड़ी तकनीकी बाधा दूर हो गई है। डुमरांव विधायक राहुल कुमार सिंह की लगातार पहल और विभागीय स्तर पर की गई पैरवी को इस प्रगति का अहम आधार माना जा रहा है। अब परियोजना की डीपीआर तैयार करने और आगे की प्रशासनिक स्वीकृतियां हासिल करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

__ राहुल सिंह की पहल से परियोजना को मिली नई गति

डुमरांव बाजार में दिन-ब-दिन बढ़ता वाहनों का दबाव आम लोगों, कारोबारियों और राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। खासकर व्यस्त चौक-चौराहों और मुख्य सड़कों पर जाम के चलते लोगों को रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बाईपास निर्माण को शहर की यातायात व्यवस्था के लिए निर्णायक कदम माना जा रहा है। भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना रेलवे से आरओबी के सामान्य अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) की स्वीकृति के इंतजार में थी। तकनीकी मंजूरी नहीं मिलने से आगे की प्रक्रिया अटकी हुई थी। विधायक राहुल कुमार सिंह के प्रयासों के बाद अब इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

__ विधायक बोले- डुमरांव को जाम से मुक्ति दिलाना प्राथमिकता

विधायक राहुल कुमार सिंह ने कहा कि डुमरांव की यातायात समस्या का स्थायी समाधान करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। बाईपास परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए लगातार संबंधित विभागों के स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे से नक्शे की मंजूरी मिलना इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शेष तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण का रास्ता भी जल्द खुलेगा। उनके अनुसार, बाईपास बनने से शहर के विकास को गति मिलेगी और लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

__ 5.3 किलोमीटर सड़क, एक किलोमीटर लंबा चार लेन का आरओबी

प्रस्तावित बाईपास की कुल लंबाई करीब 5.3 किलोमीटर होगी। इसमें लगभग 10 मीटर चौड़ी दो लेन की सड़क बनाई जाएगी। वहीं, आरा-बक्सर रेलखंड पर डुमरांव और बरुना स्टेशन के बीच, डुमरांव स्टेशन के निकट करीब एक किलोमीटर लंबा चार लेन का रेलवे ओवरब्रिज प्रस्तावित है। पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय की ओर से छह अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में आरओबी के जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग को मंजूरी दिए जाने का उल्लेख है। स्वीकृत ड्राइंग को आगे की कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्रमंडल, गया के कार्यपालक अभियंता को भेजा गया है। इसके बाद डीपीआर तैयार करने के लिए संबंधित फाइल दिल्ली भेजी गई है।

__ बाजार में घटेगा वाहनों का दबाव, कारोबार को भी मिलेगी राहत

बाईपास तैयार होने पर दूसरे शहरों की ओर आने-जाने वाले वाहनों को डुमरांव बाजार के भीतर से गुजरने की मजबूरी कम होगी। इससे मुख्य बाजार, प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों पर यातायात का दबाव घटने की संभावना है। दुकानदारों, व्यवसायियों, राहगीरों और दैनिक यात्रियों को भी राहत मिल सकती है। यह परियोजना पश्चिमी रेल फाटक संख्या 67ए पर निर्माणाधीन दूसरे आरओबी से अलग है। दोनों की स्थिति और उद्देश्य अलग-अलग हैं।

__डीपीआर और मंत्रालय की मंजूरी के बाद टेंडर पर नजर

रेलवे से जीएडी की स्वीकृति मिलने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू होने से पहले डीपीआर, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की मंजूरी और अन्य प्रशासनिक व वित्तीय औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद टेंडर जारी होने की उम्मीद है। अब डुमरांववासियों की निगाहें इन अगले चरणों पर टिकी हैं। यदि परियोजना निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ती है, तो बाईपास शहर की यातायात व्यवस्था बदलने और डुमरांव को जाम से राहत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है।