पिपरपांती में गंगा कटाव की त्रासदी के बीच पहुंचे प्रो. अखिलेश दुबे

गंगा के तेज बहाव और लगातार हो रहे भीषण कटाव ने भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड के पिपरपांती गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कटाव के बीच गांव में पैदा हुई भय और असुरक्षा की स्थिति का जायजा लेने प्रो. अखिलेश दुबे पिपरपांती पहुंचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के साथ कटाव की मार झेल रहे परिवारों से सीधे संवाद किया और उनकी परेशानियों को करीब से जाना।

पिपरपांती में गंगा कटाव की त्रासदी के बीच पहुंचे प्रो. अखिलेश दुबे

__ कटाव ने छीना सुकून, पिपरपांती पहुंचे प्रो. अखिलेश दुबे ने थामा प्रभावितों का हाथ

__ गंगा के उफान से उजड़ रहे परिवारों से की मुलाकात, आर्थिक सहायता देकर हरसंभव सहयोग का दिया भरोसा

केटी न्यूज/भोजपुर।

गंगा के तेज बहाव और लगातार हो रहे भीषण कटाव ने भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड के पिपरपांती गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कटाव के बीच गांव में पैदा हुई भय और असुरक्षा की स्थिति का जायजा लेने प्रो. अखिलेश दुबे पिपरपांती पहुंचे। उन्होंने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने के साथ कटाव की मार झेल रहे परिवारों से सीधे संवाद किया और उनकी परेशानियों को करीब से जाना।गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उन्हें गंगा के बढ़ते कटाव से उत्पन्न स्थिति से अवगत कराया। लोगों ने बताया कि नदी के तेज बहाव के कारण उन्हें अपने घर, जमीन और भविष्य की चिंता सताने लगी है।

ग्रामीणों ने प्रशासनिक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य को और तेज करने की जरूरत भी बताई। प्रो. दुबे ने उनकी बातें गंभीरता से सुनीं और संकट की इस घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।इस दौरान उन्होंने कटाव प्रभावित परिवारों के बीच आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को केवल सरकारी सहायता का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि समाज के सक्षम लोगों को भी आगे आकर जरूरतमंदों का साथ देना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को संबंधित स्तर तक पहुंचाने और आवश्यक सहयोग दिलाने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा।

खास बात यह रही कि प्रो. अखिलेश दुबे स्वयं बक्सर संसदीय क्षेत्र के सिमरी प्रखंड अंतर्गत दुबौली गांव के मूल निवासी हैं। गंगा के तटवर्ती इलाके से जुड़े होने के कारण नदी की प्रकृति और कटाव से प्रभावित परिवारों की पीड़ा से उनका जुड़ाव भी रहा है। यही वजह रही कि पिपरपांती में कटाव की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद वे ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनकी परेशानियों को प्रत्यक्ष रूप से समझा।ग्रामीणों के बीच उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा। उनकी तत्काल जरूरतों को समझते हुए सहायता पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने भी उनके पहुंचने और आर्थिक सहयोग देने के लिए आभार जताया।