डीके कॉलेज में बीसीए-बीबीए छात्रों को मिल रहा कॉरपोरेट कार्यशैली का प्रशिक्षण
डी.के. कॉलेज, डुमरांव में व्यवसायिक पाठ्यक्रम के अंतर्गत अध्ययनरत बीसीए एवं बीबीए के छात्र-छात्राओं को रोजगारपरक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की पहल की जा रही है। कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सॉफ्ट स्किल्स, प्रोफेशनल कम्युनिकेशन, कस्टमर इंगेजमेंट, डोमेन अवेयरनेस समेत कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जा रही है।


__ कक्षा से कॉरपोरेट दुनिया तक, डीके कॉलेज में छात्रों को मिल रहा हुनर का प्रशिक्षण
__ सॉफ्ट स्किल्स से लेकर कस्टमर इंगेजमेंट तक विभिन्न विषयों पर दिया जा रहा प्रशिक्षण, छात्रों में विकसित हो रही प्रोफेशनल कार्यशैली की समझ
केटी न्यूज/डुमरांव।
डी.के. कॉलेज, डुमरांव में व्यवसायिक पाठ्यक्रम के अंतर्गत अध्ययनरत बीसीए एवं बीबीए के छात्र-छात्राओं को रोजगारपरक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की पहल की जा रही है। कॉलेज में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सॉफ्ट स्किल्स, प्रोफेशनल कम्युनिकेशन, कस्टमर इंगेजमेंट, डोमेन अवेयरनेस समेत कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ कार्यक्षेत्र की व्यावहारिक चुनौतियों के लिए भी तैयार करना है।प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी ने कहा कि बदलते दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संवाद कौशल, व्यवहारिक दक्षता और पेशेवर कार्यशैली की समझ भी जरूरी है।

ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से छात्रों को भविष्य में अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, उन्हें कॉरपोरेट जगत की कार्यप्रणाली और पेशेवर वातावरण को समझने में भी मदद मिलेगी।सीनेट सदस्य डॉ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि महाविद्यालय में छात्रहित में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन सराहनीय पहल है। इससे विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचानने और उसे बेहतर तरीके से विकसित करने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्राचार्या द्वारा छात्रहित में लगातार किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक भाग लेकर इसका लाभ उठा रहे हैं। विद्यार्थियों को विषय आधारित जानकारी के साथ व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया जा रहा है।कार्यक्रम को सफल बनाने में बीसीए समन्वयक अरबाब खान, बीबीए समन्वयक अवनीश कुमार सिंह, डॉ. अब्दुल कैश, डॉ. शिवेन्द्र, डॉ. रवि रंजन पाण्डेय, मधुसूदन कुमार, राजू कुमार समेत सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

