बिजली कार्यालय में कर्मियों और उपभोक्ताओं के बीच मारपीट, तीन आवेदन से गरमाया मामला

डुमरांव ग्रामीण विद्युत विभाग का कार्यालय मंगलवार को उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब कर्मियों और उपभोक्ताओं के बीच विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गया। घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से डुमरांव थाना में कुल तीन आवेदन दिए गए हैं।

बिजली कार्यालय में कर्मियों और उपभोक्ताओं के बीच मारपीट, तीन आवेदन से गरमाया मामला

__ भाजपा नेता ने एसडीओ पर मारपीट व जातिसूचक शब्द कहने का लगाया आरोप, रिटायर्ड फौजी ने पत्नी से दुर्व्यवहार का लगाया आरोप; एसडीओ ने भी पांच नामजद समेत 10 अज्ञात पर सरकारी काम में बाधा डालने की शिकायत की

केटी न्यूज/डुमरांव।

डुमरांव ग्रामीण विद्युत विभाग का कार्यालय मंगलवार को उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब कर्मियों और उपभोक्ताओं के बीच विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गया। घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से डुमरांव थाना में कुल तीन आवेदन दिए गए हैं। एक तरफ भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष व डुमरांव निवासी विनोद पासवान ने ग्रामीण विद्युत एसडीओ पर मारपीट करने और जातिसूचक शब्द कहने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, धरहरा निवासी रिटायर्ड फौजी धर्मेन्द्र पाल ने भी एसडीओ पर मारपीट करने तथा उनकी पत्नी को धक्का देने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है।

दूसरी ओर, ग्रामीण विद्युत एसडीओ ने विनोद पासवान, धर्मेन्द्र पाल, अरुण कुमार सिंह समेत पांच नामजद तथा 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्यालय में घुसकर मारपीट करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। एसडीओ के आवेदन के अनुसार, कथित मारपीट में रेवेन्यू जेई तरुण कुमार तथा मानवबल अफजल को चोटें आई हैं।बताया जाता है कि मंगलवार की दोपहर ग्रामीण विद्युत मंडल के एसडीओ कार्यालय में किसी मामले को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

डुमरांव के प्रभारी थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से कुल तीन आवेदन प्राप्त हुए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। जदयू अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रांतीय नेता महेंद्र राम, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के संजय पासवान, जदयू नगर अध्यक्ष गोपाल प्रसाद गुप्ता समेत कई सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने मामले को गंभीर बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कार्यालय में विवाद की शुरुआत कैसे हुई और मारपीट के लिए कौन पक्ष जिम्मेदार है।