छात्राओं की सुरक्षा पर सरकार को घेरा, डुमरांव में एपवा का प्रतिवाद

जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित मारपीट व दुर्व्यवहार की घटना को लेकर बुधवार को डुमरांव में एपवा कार्यकर्ताओं ने प्रतिवाद मार्च निकाला। भाकपा-माले के जिला कार्यालय से निकला मार्च थाना पहुंचा, जहां सभा आयोजित कर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की गई।

छात्राओं की सुरक्षा पर सरकार को घेरा, डुमरांव में एपवा का प्रतिवाद

__ जमुई की घटना को लेकर भाकपा-माले कार्यालय से निकला मार्च, थाना परिसर में सभा कर महिला सुरक्षा की गारंटी की मांग

केटी न्यूज/डुमरांव।

जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित मारपीट व दुर्व्यवहार की घटना को लेकर बुधवार को डुमरांव में एपवा कार्यकर्ताओं ने प्रतिवाद मार्च निकाला। भाकपा-माले के जिला कार्यालय से निकला मार्च थाना पहुंचा, जहां सभा आयोजित कर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्राओं को भयमुक्त माहौल उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।सभा की अध्यक्षता ऊषा देवी ने की, जबकि संचालन फूलझारो देवी ने किया। सभा को एपवा नेत्री पूजा कुमारी, रूबी शर्मा, माले नेता ललन राम और जिला सचिव नवीन कुमार ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि बिहार में छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। चुनावी सभाओं में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर यदि छात्राओं को स्कूल, कॉलेज और कोचिंग जाने में भी असुरक्षा महसूस हो तो सरकार को इसकी जवाबदेही लेनी होगी। वक्ताओं ने कहा कि केवल घटना के बाद पुलिस कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कितना प्रभावी बनाया गया है।एपवा नेताओं ने जमुई की घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कानून के अनुरूप कड़ी कार्रवाई करने तथा पीड़ित छात्रा और उसके परिवार को सुरक्षा एवं न्याय उपलब्ध कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक छात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार की उन तमाम बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा है, जो शिक्षा और रोजगार के लिए रोज घर से बाहर निकलती हैं।सभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के सवाल पर जवाबदेही तय करने की मांग की गई। प्रदर्शन में पुष्पा देवी, पूनम देवी, मोती देवी, चंदा देवी, मुन्नी देवी, मुनेश्वरी देवी, चनिया देवी और सुनीता देवी समेत दर्जनों महिलाएं शामिल रहीं। वहीं भाकपा-माले की ओर से धर्मेंद्र सिंह, कन्हैया पासवान, महफूज आलम, सर्वेश पांडेय, भगवान दास, रिंकू कुरैशी और सुरेंद्र प्रसाद सहित कई नेता मौजूद रहे।