जिउतिया का स्नान मातम में बदला, मां की आंखों के सामने नदी में समा गईं दो बेटियां
जिउतिया पर्व पर संतान की लंबी उम्र की कामना लेकर काव नदी के तट पर पहुंची एक मां के लिए शनिवार की शाम ऐसा सदमा लेकर आई, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। रुपसागर गांव के समीप नदी में स्नान के दौरान उसकी तीन बेटियां गहरे पानी में चली गईं।

__ एक बच्ची को ग्रामीणों ने बचाया, काजल और अंशी की तलाश में देर शाम तक नदी खंगालते रहे गोताखोर; अंधेरा बढ़ने से अभियान में आई बाधा
केटी न्यूज/नावानगर।
जिउतिया पर्व पर संतान की लंबी उम्र की कामना लेकर काव नदी के तट पर पहुंची एक मां के लिए शनिवार की शाम ऐसा सदमा लेकर आई, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी। रुपसागर गांव के समीप नदी में स्नान के दौरान उसकी तीन बेटियां गहरे पानी में चली गईं। शोर सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने एक बच्ची मोना कुमारी को किसी तरह बाहर निकाल लिया, लेकिन काजल कुमारी और अंशी कुमारी का कोई सुराग नहीं मिल सका। दोनों की तलाश में देर शाम तक नदी में अभियान चलता रहा।घटना शनिवार शाम करीब छह बजे की बताई जाती है। जिउतिया पर्व को लेकर बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं काव नदी में स्नान कर रही थीं।

इसी दौरान तीनों बच्चियां पानी में उतर गईं और देखते ही देखते गहरे पानी की ओर चली गईं। एक बच्ची को लोगों ने बचा लिया, जबकि दो के डूबने की आशंका से मौके पर अफरातफरी मच गई। बेटियों के लापता होने की खबर मिलते ही मां की चीख-पुकार से नदी तट का माहौल गमगीन हो गया।सूचना मिलते ही नावानगर सीओ सुधांशु शेखर मिश्रा और थानाध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों को बुलाकर नदी में तलाश शुरू कराई गई, लेकिन ढलती शाम और अंधेरा होने के कारण अभियान को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

काफी प्रयास के बावजूद दोनों बच्चियों का पता नहीं चल सका।बताया गया कि तीनों बच्चियां रोहतास जिले के दावथ थाना क्षेत्र के कवई गांव की रहने वाली हैं। घटना की जानकारी मिलने पर दावथ के सीओ और थानाध्यक्ष भी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक दोनों बच्चियों की तलाश जारी रही। हालांकि, शव बरामद होने तक उनकी मौत की पुष्टि नहीं की जा सकती है। प्रशासन और ग्रामीणों की निगाह अब नदी में चल रहे तलाश अभियान पर टिकी है।

