नाबालिग से दुष्कर्म में दो भाइयों को उम्रकैद, पिता रिहा
नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और प्रताड़ना के करीब 13 साल पुराने मामले में पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। नावानगर थाना कांड संख्या 233/2013 में दोषी करार दिए गए दो सहोदर भाइयों मुन्ना नट और गणेश नट को अदालत ने मरते दम तक कारावास की सजा सुनाई है।

__ उत्तर प्रदेश से अपहरण कर सोनबरसा में बनाया था बंधक, पीड़िता को 18 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश
केटी न्यूज/बक्सर।
नाबालिग के अपहरण, दुष्कर्म और प्रताड़ना के करीब 13 साल पुराने मामले में पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश अमित कुमार शर्मा की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। नावानगर थाना कांड संख्या 233/2013 में दोषी करार दिए गए दो सहोदर भाइयों मुन्ना नट और गणेश नट को अदालत ने मरते दम तक कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं, मामले में आरोपित उनके पिता जगत नट की जेल में बिताई गई अवधि को ही पर्याप्त मानते हुए अदालत ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है। निर्धनता को देखते हुए उन पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

विशेष लोक अभियोजक सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि घटना 28 सितंबर 2013 की है। उत्तर प्रदेश के एक गांव में खेत में काम करने के दौरान 13 वर्षीय बच्ची बेहोश हो गई थी। इसी दौरान आरोपित उसे अगवा कर नावानगर थाना क्षेत्र के सोनबरसा ले आए और बंधक बनाकर रखने लगे। आरोप था कि बच्ची पर कार्यक्रमों में नाचने का दबाव बनाया जाता था। इनकार करने पर उसे प्रताड़ित किया जाता था और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया।

__ शरीर पर मिले थे जलने के छह निशान
किसी तरह आरोपितों के चंगुल से निकलने के बाद पीड़िता ने पुलिस को आपबीती बताई थी। उसके शरीर पर जलने के छह निशान मिले थे। बयान में उसने बताया था कि नाचने से इनकार करने पर चाकू गर्म कर उसे जलाया जाता था।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 15 गवाहों की गवाही प्रस्तुत की। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों भाइयों को मरते दम तक जेल में रखने की सजा सुनाई।

__ पीड़िता को 18 लाख रुपये मुआवजा
अदालत ने बिहार पीड़ित मुआवजा योजना, 2019 के तहत नाबालिग होने के लिए 15 लाख रुपये और जलाने की घटना के लिए तीन लाख रुपये, कुल 18 लाख रुपये पीड़िता को भुगतान करने का आदेश भी दिया है।

