डुमरांव प्रखंड-अंचल कार्यालय के खिलाफ जन_आक्रोश

डुमरांव प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता और आम लोगों की समस्याओं के समाधान में हो रही देरी के खिलाफ बुधवार को लोक कल्याणकारी मंच ने मोर्चा खोल दिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंच के बैनर तले प्रखंड परिसर में विशाल एकदिवसीय धरना दिया गया।

डुमरांव प्रखंड-अंचल कार्यालय के खिलाफ जन_आक्रोश

__ दफ्तर में दलाली और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग

__ लोक कल्याणकारी मंच का धरना, 11 सूत्री मांगों को लेकर अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन; एक माह में समाधान नहीं तो हर महीने लगेगी ‘जन अदालत’

केटी न्यूज/डुमरांव।

डुमरांव प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता और आम लोगों की समस्याओं के समाधान में हो रही देरी के खिलाफ बुधवार को लोक कल्याणकारी मंच ने मोर्चा खोल दिया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंच के बैनर तले प्रखंड परिसर में विशाल एकदिवसीय धरना दिया गया। धरना के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से जुड़े आवेदन जमा कराए और अधिकारियों के समक्ष व्यवस्था में सुधार की मांग बुलंद की।धरना की अध्यक्षता मंच के प्रखंड अध्यक्ष विवेक सिंह उर्फ संतोष कुमार सिंह ने की, जबकि संचालन समाजसेवी अभिषेक मेहता ने किया। मंच के संयोजक डॉ. सुधीर कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

इस दौरान मुखिया इंदल सिंह, सरपंच जनार्दन सिंह, पंचायत समिति सदस्य हरेंद्र यादव, मंच के जिलाध्यक्ष उमेश प्रसाद, उपाध्यक्ष रामबाबू कुशवाहा, प्रवक्ता भुवर सिद्दीकी, सरपंच ददन यादव और वार्ड सदस्य लड्डू सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।धरना के दौरान अभियान बसेरा, राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन से संबंधित सैकड़ों आवेदन जमा कराए गए। इसके अलावा नल-जल योजना के तहत खराब पड़े नलों और हैंडपंपों की शीघ्र मरम्मत, जमीन के दाखिल-खारिज, जमाबंदी एवं शुद्धीकरण जैसे मामलों के त्वरित निष्पादन समेत 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन बीडीओ, सीओ और एसडीओ को सौंपा गया।

मंच ने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए अधिकारियों और मंच के बीच प्रत्येक माह बैठक कराने की मांग भी उठाई। साथ ही कार्यालय में आने वाले प्रखंड एवं अंचल कर्मियों के लिए परिचय पत्र लगाना अनिवार्य करने तथा प्रखंड परिसर में संचालित अवैध दुकानों को हटाने और वैध दुकानों का विधिवत पंजीकरण कराने की मांग की गई।मंच के संयोजक डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे, इसके लिए प्रशासन और सामाजिक संगठनों के बीच नियमित संवाद जरूरी है। मासिक बैठक होने से समस्याओं की निगरानी होगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

अध्यक्ष विवेक सिंह ने कहा कि धरना के माध्यम से लोगों की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचाई गई हैं और समाधान के लिए एक माह का समय दिया गया है। निर्धारित अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो प्रत्येक माह प्रखंड परिसर में ‘जन अदालत’ लगाकर जनसमस्याओं को उठाया जाएगा।वहीं अभिषेक मेहता ने आरोप लगाया कि प्रखंड और अंचल कार्यालयों में दलालों की सक्रियता से आम लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और दलाली के खिलाफ मंच ने आंदोलन का शंखनाद कर दिया है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।धरना में डॉ. लक्ष्मण योगी, मुन्ना ठाकुर, श्रीभगवान महतो, शिवजी तिवारी, सोनू यादव, सुरेंद्र यादव, अवध बिहारी यादव, चोरा पासी, रामनाथ पासी, संतोष राम और रामनाथ यादव समेत सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए।