एकौना की मुख्य सड़क पर ‘जलजाल’: तीन फीट पानी में कैद जिंदगी
सिमरी प्रखंड के एकौना गांव की मुख्य सड़क पर वर्षों से जमे नाली के गंदे पानी ने अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को ठहराव में डाल दिया है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि करीब 200 मीटर के दायरे में तीन फीट तक जलजमाव बना हुआ है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। सबसे अधिक परेशानी दिव्यांगों, बुजुर्गों और बच्चों को झेलनी पड़ रही है, जिनके लिए घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।
__ दिव्यांगों ने दी आंदोलन की चेतावनी, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
केटी न्यूज/सिमरी
सिमरी प्रखंड के एकौना गांव की मुख्य सड़क पर वर्षों से जमे नाली के गंदे पानी ने अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को ठहराव में डाल दिया है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि करीब 200 मीटर के दायरे में तीन फीट तक जलजमाव बना हुआ है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। सबसे अधिक परेशानी दिव्यांगों, बुजुर्गों और बच्चों को झेलनी पड़ रही है, जिनके लिए घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है।स्थानीय निवासी एवं दिव्यांग राकेश कुमार राय ने बताया कि यह समस्या नई नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी है।

“हर दिन इस गंदे पानी से होकर गुजरना हमारी मजबूरी बन गई है। कई बार गिरने का डर बना रहता है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई,” उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा। ग्रामीणों का कहना है कि जलजमाव के कारण न सिर्फ आवागमन बाधित है, बल्कि संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य पथ के किनारे अतिक्रमण और जर्जर नालियों की वजह से पानी की निकासी पूरी तरह ठप है। बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

लोगों ने कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला।इसी समस्या को लेकर अब दिव्यांग संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ के जिलाध्यक्ष अगस्त उपाध्याय और महासचिव विशोका चंद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डुमरांव के एसडीएम राकेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था कराने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है।जिलाध्यक्ष ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो दिव्यांग संघ के सदस्य एकौना मुख्य पथ पर आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे।

“हमारी मांगें जायज हैं। यह सिर्फ सड़क का सवाल नहीं, बल्कि हमारी गरिमा और जीवन की सुरक्षा का मुद्दा है,” उन्होंने कहा।गौरतलब है कि एकौना की यह सड़क आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाली प्रमुख मार्ग है। ऐसे में यहां जलजमाव की समस्या पूरे इलाके की आवाजाही और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी प्राथमिकता देता है या फिर ग्रामीणों को अपने हक के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

