उपचुनाव 2026 की तैयारी तेज, 12 मई को मतदान—डीएम ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में पंचायत आम निर्वाचन 2026 एवं बिहार विधान परिषद के स्थानीय प्राधिकार उप निर्वाचन को लेकर समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनावी तैयारियों की बारीकी से समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और त्रुटिरहित कार्य सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

__ प्रपत्र-1 में शत प्रतिशत प्रविष्टि पर बीडीओ की सराहना, अपीलवादों के शीघ्र निष्पादन पर जोर—6 मई को होगा दूसरा प्रशिक्षण
केटी न्यूज/बक्सर
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में पंचायत आम निर्वाचन 2026 एवं बिहार विधान परिषद के स्थानीय प्राधिकार उप निर्वाचन को लेकर समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चुनावी तैयारियों की बारीकी से समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और त्रुटिरहित कार्य सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान प्रपत्र-1 में शत-प्रतिशत और समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने पर जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक दक्षता का परिचायक है और इसी प्रतिबद्धता के साथ आगे की प्रक्रियाएं भी पूरी की जानी चाहिए।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल प्रविष्टि ही नहीं, बल्कि उसमें त्रुटिहीनता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।जिलाधिकारी ने लंबित अपीलवादों को गंभीरता से लेते हुए उनके त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी मामलों का निष्पादन तय समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है।बैठक में जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने जानकारी दी कि प्रपत्र-1 में संभावित त्रुटियों की जांच स्वयं संबंधित अधिकारी भी कर सकते हैं। इसके लिए सभी बीडीओ को अपने स्तर पर सक्रिय रहकर दावा-आपत्ति के माध्यम से सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी चूकें आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकती हैं, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता जरूरी है।बिहार विधान परिषद के स्थानीय प्राधिकार उप निर्वाचन को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अधिकारियों को बताया गया कि 6 मई को द्वितीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा, जिसमें सभी संबंधित कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इस प्रशिक्षण में मतदान प्रक्रिया, ईवीएम संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।मतदान की तिथि 12 मई निर्धारित की गई है, जिसे लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएंगी ताकि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।

बक्सर जिले में इस उप निर्वाचन के लिए कुल 11 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर आवश्यक बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।बैठक के अंत में डीएम साहिला ने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने की नसीहत दी और कहा कि चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है, इसे पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

