आंधी-बारिश बनी जानलेवा: बकरी चराने निकले बुजुर्ग की जाल में फंसकर दर्दनाक मौत
प्रखंड क्षेत्र के मुरार गांव में बुधवार की शाम आई तेज आंधी, तूफान और बारिश ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। 78 वर्षीय लखीचंद रजक की मौत उस समय हो गई, जब वे बकरी चराने के दौरान साग-सब्जी की खेती के लिए लगाए गए जाल में फंस गए। प्राकृतिक आपदा और लापरवाही का यह खतरनाक संगम उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।

केटी न्यूज/चौगाईं
प्रखंड क्षेत्र के मुरार गांव में बुधवार की शाम आई तेज आंधी, तूफान और बारिश ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। 78 वर्षीय लखीचंद रजक की मौत उस समय हो गई, जब वे बकरी चराने के दौरान साग-सब्जी की खेती के लिए लगाए गए जाल में फंस गए। प्राकृतिक आपदा और लापरवाही का यह खतरनाक संगम उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।मिली जानकारी के अनुसार, लखीचंद रजक रोज की तरह बुधवार की शाम अपने घर से बकरी चराने निकले थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। खराब मौसम के बीच वे खेतों में लगाए गए घेराबंदी के जाल में उलझ गए। बाहर निकलने की जद्दोजहद में वे बुरी तरह फंसते चले गए और बारिश के बीच दम तोड़ दिया।

इधर, देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार के लोगों ने रातभर उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। गुरुवार की सुबह जब कुछ ग्रामीण शौच के लिए खेतों की ओर गए, तब जाल में फंसा उनका शव देखा गया। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।मृतक के इकलौते पुत्र भिखारी रजक चिमनी भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा और सहायता देने की मांग की है। साथ ही खेतों में लगाए जाने वाले ऐसे खतरनाक जालों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, जो अब जानलेवा साबित हो रहे हैं।

