बीमा कंपनियों पर उपभोक्ता आयोग का शिकंजा, दो मामलों में नोटिस जारी

बीमा का प्रीमियम लेने के बाद क्लेम खारिज करने के दो अलग-अलग मामलों में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने प्रारंभिक सुनवाई में विपक्षी बीमा कंपनियों की सेवा में त्रुटि का प्रथम दृष्टया मामला पाते हुए उन्हें नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।

बीमा कंपनियों पर उपभोक्ता आयोग का शिकंजा, दो मामलों में नोटिस जारी

__ गोदाम में रखे खाद-उर्वरक के नुकसान और बीमित महिला की मौत के बाद क्लेम खारिज करने का मामला; 23.83 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति के दावे पर जवाब तलब

केटी न्यूज/बक्सर। 

बीमा का प्रीमियम लेने के बाद क्लेम खारिज करने के दो अलग-अलग मामलों में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने प्रारंभिक सुनवाई में विपक्षी बीमा कंपनियों की सेवा में त्रुटि का प्रथम दृष्टया मामला पाते हुए उन्हें नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। दोनों मामलों में कुल 23 लाख 83 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति का दावा किया गया है।पहला मामला ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर निवासी निर्मल कुमार से जुड़ा है। उन्होंने परिवाद संख्या 74/26 दाखिल कर बताया कि वह केसरी खाद भंडार नाम से प्रतिष्ठान चलाते हैं। प्रतिष्ठान के स्टॉक का बीमा बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड से कराया गया था।

परिवाद के अनुसार, 9 नवंबर 2025 को अत्यधिक एवं असामान्य बारिश के कारण गोदाम में रखे खाद-उर्वरक समेत अन्य सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इससे करीब 12 लाख 98 हजार 550 रुपये का नुकसान हुआ। परिवादी का आरोप है कि आवश्यक कागजात जमा करने के बावजूद बीमा कंपनी ने 23 फरवरी 2026 को उनका दावा निरस्त कर दिया।दूसरा मामला धनसोई थाना क्षेत्र के बिरना गांव निवासी धनंजय कुमार सिंह का है। उन्होंने एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ 8 लाख 85 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति का दावा किया है। परिवादी के अधिवक्ता विष्णुदत्त द्विवेदी के अनुसार, धनंजय सिंह ने अपनी पत्नी गुड़िया देवी का बीमा कराया था, जिसके लिए 52,250 रुपये प्रीमियम जमा किया गया था।

अधिवक्ता का कहना है कि बीमा से पहले कंपनी ने महिला का स्वास्थ्य परीक्षण कराया था। कुछ महीने बाद उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद नामित व्यक्ति के रूप में धनंजय सिंह ने बीमा लाभ के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा किए, लेकिन कंपनी ने दावा खारिज कर दिया।बुधवार को दोनों परिवादों की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह और सदस्य राजीव सिंह की खंडपीठ ने की। आयोग ने विपक्षी बीमा कंपनियों को नोटिस जारी कर एक महीने के भीतर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। अब कंपनियों के जवाब के बाद मामलों में आगे की सुनवाई होगी।