__ 16 टीमों के बीच दिनभर चला रोमांचक मुकाबला, फाइनल में बड़कागांव ने पीरो को हराकर जीती ट्रॉफी; विजेता को 10 हजार और उपविजेता को मिले पांच हजार रुपये

केटी न्यूज/बक्सर।
आज के दौर में जब युवाओं का अधिकतर समय मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग में गुजर रहा है, ऐसे समय में खेल के मैदान पर युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की पहल ने एक सकारात्मक संदेश दिया। शनिवार को आयोजित दत्त क्लासेस प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों ने न सिर्फ अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया, बल्कि संघर्ष, अनुशासन और टीम भावना की मिसाल भी पेश की। प्रतियोगिता में कुल 16 टीमों ने हिस्सा लिया। दिनभर चले मुकाबलों में कई बार रोमांच इस कदर चरम पर पहुंचा कि दर्शकों की धड़कनें बढ़ गईं। आखिरकार फाइनल मुकाबले में बड़कागांव की टीम ने पीरो को पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

विजेता टीम के कप्तान चुन्नू मिश्रा ने ट्रॉफी उठाकर अपनी टीम की जीत का जश्न मनाया। विजेता टीम को कप के साथ चांदी के सिक्के, 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और आकर्षक उपहार प्रदान किए गए। वहीं उपविजेता पीरो की टीम को ट्रॉफी के साथ पांच हजार रुपये की राशि देकर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अधिवक्ता डॉ. विष्णु दत्त द्विवेदी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में नावानगर प्रखंड प्रमुख अंकित यादव मौजूद रहे।इस दौरान शिक्षाविद दीपक कुमार, एनएसजी कमांडो संतोष कुमार वर्मा, मदन जी ओझा, रमन पांडेय, सुनील कुमार, प्रेम शंकर मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार रजनीकांत दुबे, व्यवसायी संजय शाह, कार्तिक चौबे और शिक्षक संतोष मिश्रा सहित कई गणमान्य लोगों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

दत्त क्लासेस के निदेशक अविनाश दत्त ने कहा कि खेल का युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। खेल से शरीर स्वस्थ रहने के साथ मन भी सकारात्मक और ऊर्जावान बना रहता है। विद्यार्थियों के लिए यह विशेष रूप से जरूरी है। उन्होंने चिंता जताई कि आजकल बड़ी संख्या में युवा मोबाइल गेम में समय गंवा रहे हैं, जिससे उनकी शारीरिक सक्रियता और संघर्ष करने की क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को मैदान से जोड़ने में मदद मिलेगी।वहीं नावानगर प्रखंड प्रमुख अंकित यादव ने कहा कि युवाओं को प्रोत्साहित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि संघर्ष, अनुशासन, धैर्य और टीम भावना सीखने का सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं युवा हैं और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।मैच में दानिश खान और डब्लू ने अंपायर की भूमिका निभाई, जबकि डब्लू कुमार की शानदार कमेंट्री ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। आयोजन को सफल बनाने में अभय, बबलू, अमित, आयुष, जयप्रकाश, अभिषेक वर्मा, रोनित और आकाश सहित कई खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।





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