काउंसलिंग ने बचाया टूटता रिश्ता, फिर साथ आए पति-पत्नी
पारिवारिक विवाद और पति की उपेक्षा से परेशान सुनीता कुमारी के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई। शिवपुर गांव निवासी सुनीता का विवाह वर्ष 2018 में रमेश तिवारी के साथ हुआ था। विवाह के शुरुआती वर्षों में दोनों का दांपत्य जीवन सामान्य रहा, लेकिन समय बीतने के साथ पति-पत्नी के बीच पारिवारिक और वैवाहिक विवाद बढ़ने लगे।

__ वन स्टॉप सेंटर की पहल से सुनीता को मिला सम्मानजनक वैवाहिक जीवन का भरोसा, संवाद से दूर हुई रिश्तों की दूरी
केटी न्यूज/बक्सर।
पारिवारिक विवाद और पति की उपेक्षा से परेशान सुनीता कुमारी के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई। शिवपुर गांव निवासी सुनीता का विवाह वर्ष 2018 में रमेश तिवारी के साथ हुआ था। विवाह के शुरुआती वर्षों में दोनों का दांपत्य जीवन सामान्य रहा, लेकिन समय बीतने के साथ पति-पत्नी के बीच पारिवारिक और वैवाहिक विवाद बढ़ने लगे। पति की उपेक्षा और आपसी संवाद में आई कमी के कारण सुनीता अपने वैवाहिक जीवन और भविष्य को लेकर परेशान रहने लगी।समस्या के समाधान के लिए परिवार स्तर पर कई बार बातचीत और समझौते की कोशिश की गई, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। ऐसे में सुनीता ने सहायता और मार्गदर्शन के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर का सहारा लिया।

__ सुरक्षित माहौल में सुनी गई पीड़िता की बात
वन स्टॉप सेंटर की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुनीता की विस्तृत केस हिस्ट्री ली और काउंसलिंग की। सुरक्षित वातावरण में उसकी समस्याओं और चिंताओं को सुना गया। टीम ने उसे उसके अधिकारों तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी भी दी। इसके बाद पति से संपर्क कर उन्हें सेंटर में बुलाया गया।काउंसलिंग के दौरान दोनों पक्षों को एक-दूसरे की बात शांतिपूर्वक सुनने और विवाद को संवाद के माध्यम से सुलझाने के लिए प्रेरित किया गया। पति को पत्नी के प्रति सम्मानजनक व्यवहार, पारिवारिक जिम्मेदारी और वैवाहिक दायित्वों के प्रति संवेदनशील रहने की सलाह दी गई। जरूरत के अनुसार परिवार के स्तर पर भी बातचीत कराई गई।

__ संवाद लौटा तो रिश्ते में भी आई गर्माहट
लगातार परामर्श और समझाइश के बाद पति ने पत्नी की समस्याओं को समझने तथा उसके साथ उचित व्यवहार करने पर सहमति जताई। दोनों के बीच फिर से संवाद स्थापित हुआ और वैवाहिक संबंध को बेहतर बनाने की दिशा में साथ चलने पर सहमति बनी। सुनीता को भरोसा दिलाया गया कि भविष्य में किसी भी परेशानी की स्थिति में वह वन स्टॉप सेंटर से सहायता ले सकती है।इस प्रकरण में काउंसलिंग और आपसी संवाद के माध्यम से पारिवारिक विवाद को सुलझाने की कोशिश ने एक बार फिर साबित किया कि समय पर उचित मार्गदर्शन मिलने से रिश्तों में आई दूरी को कम किया जा सकता है। सुनीता ने सेंटर की टीम के प्रति आभार जताया।

