पढ़ाई के लिए गांव में मिला डिजिटल ठिकाना, युवाओं को मिलेगी प्रतियोगी तैयारी की नई राह

ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़का सिंघनपुरा में एक नई पहल की शुरुआत हुई। गांव में समर्पण डिजिटल लाइब्रेरी का भव्य शुभारंभ किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए।

पढ़ाई के लिए गांव में मिला डिजिटल ठिकाना, युवाओं को मिलेगी प्रतियोगी तैयारी की नई राह

__ बड़का सिंघनपुरा में समर्पण डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ, हजारों युवाओं की मौजूदगी में शिक्षा और संसाधनों को लेकर हुई चर्चा

केटी न्यूज/सिमरी।

ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़का सिंघनपुरा में एक नई पहल की शुरुआत हुई। गांव में समर्पण डिजिटल लाइब्रेरी का भव्य शुभारंभ किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए। लाइब्रेरी की शुरुआत को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संतोष निराला, विधायक राजपुर सह पूर्व परिवहन मंत्री, बिहार मौजूद रहे। इसके अलावा सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग कुमार ओझा, समाजसेवी विमलेश ओझा (पप्पू), बिमलेश ओझा, शशि शेखर ओझा, विद्यासागर ओझा, हिमांशु ओझा, पवन ओझा, अनुराग दुबे, अमरेंद्र ओझा, विवेका ओझा, आशीष ओझा, सोनू दुबे, राजू गुप्ता समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए केवल इच्छाशक्ति ही नहीं, बल्कि बेहतर अध्ययन वातावरण और आधुनिक संसाधनों की भी जरूरत है। शहरों में उपलब्ध डिजिटल एवं अध्ययन सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के अनेक विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कठिनाइयों का सामना करते हैं। ऐसे में गांव में डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।समाजसेवी विमलेश ओझा (पप्पू) ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए शांत और अनुशासित माहौल के साथ डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता जरूरी है। उन्होंने कहा कि समर्पण डिजिटल लाइब्रेरी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

वहीं अनुराग कुमार ओझा ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा को सही दिशा और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ग्रामीण इलाकों में शिक्षा को बढ़ावा देने वाली पहल से विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य की तैयारी के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिल सकती है।कार्यक्रम में लाइब्रेरी के संचालक धनंजय ओझा को अतिथियों ने इस पहल के लिए बधाई दी। युवाओं की बड़ी मौजूदगी ने यह भी संकेत दिया कि ग्रामीण क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन को लेकर नई पीढ़ी में जागरूकता बढ़ रही है।समर्पण डिजिटल लाइब्रेरी के शुरू होने से बड़का सिंघनपुरा समेत आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए स्थानीय स्तर पर एक नया विकल्प मिला है।