जमीन बेचकर बेटी को पढ़ाया, आज बनी डीएसपी

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम परिणाम शनिवार को प्रकाशित किया गया।जिसमें प्रखंड के केसठ गांव की बेटी पूजा कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता प्राप्त कर डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) पद के लिए चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

जमीन बेचकर बेटी को पढ़ाया, आज बनी डीएसपी

--70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर पूजा ने बढ़ाया क्षेत्र का मान

केटी न्यूज/केसठ।

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम परिणाम शनिवार को प्रकाशित किया गया।जिसमें प्रखंड के केसठ गांव की बेटी पूजा कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता प्राप्त कर डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) पद के लिए चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है।उनके पिता कामता सिंह ने बताया कि बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने अपनी जमीन बेचकर परिवार के साथ पटना में बसने का निर्णय लिया था।

उस समय कई लोगों ने उनके इस फैसले की आलोचना की और ताने भी दिए, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों की प्रतिभा और मेहनत पर भरोसा बनाए रखा। आज बेटी की सफलता ने उन सभी कठिनाइयों और तानों का जवाब दे दिया है।चार भाई-बहनों में तीसरे स्थान पर रहने वाली पूजा शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, सेल्फ स्टडी तथा गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया है। पूजा ने कहा कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते।

पूजा की बड़ी बहन वर्तमान में पटना सचिवालय में कार्यरत हैं, जिनसे उन्हें हमेशा प्रेरणा मिलती रही। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गांव में बधाई देने वालों का तांता लग गया। ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है।ग्रामीणों का कहना है कि पूजा ने यह साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनकी सफलता अन्य छात्राओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

--पिता ने भावुक होकर कहा,

"आज मेरी बेटी ने डीएसपी बनकर मेरे जीवन के सारे संघर्षों को सार्थक कर दिया है। जिन लोगों ने कभी ताने दिए थे, वे आज बधाई देने आ रहे हैं। इससे बड़ी खुशी मेरे लिए और क्या हो सकती है।"