डुमरांव की आवाज दिल्ली तक पहुंचाएंगे प्रो. अखिलेश दुबे, रेल सुविधाओं से लेकर जाम की समस्या पर करेंगे पहल
डुमरांव क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर अब उन्हें उच्च स्तर तक पहुंचाने की पहल शुरू हो गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और सिमरी प्रखंड के दुबौली निवासी प्रो. अखिलेश कुमार दुबे ने डुमरांव दौरे के दौरान स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।

__ स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए केंद्रीय मंत्रियों से मिलेंगे, अक्टूबर में शाहाबाद के अधिकारियों का सेमिनार कराने की भी योजना
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं को लेकर अब उन्हें उच्च स्तर तक पहुंचाने की पहल शुरू हो गई है। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और सिमरी प्रखंड के दुबौली निवासी प्रो. अखिलेश कुमार दुबे ने डुमरांव दौरे के दौरान स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों की परेशानी को अब संबंधित मंत्रालयों तक पहुंचाकर ठोस पहल की जाएगी।प्रो. दुबे ने खास तौर पर रेल सुविधाओं में सुधार और यातायात व्यवस्था को लेकर आवाज उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बनारस-आरा मेमू एक्सप्रेस का परिचालन बंद होने से हजारों दैनिक यात्रियों, छात्र-छात्राओं और नौकरीपेशा लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ट्रेन के पुनः परिचालन को लेकर वे जल्द ही केंद्रीय रेल मंत्री से मुलाकात करेंगे और यात्रियों की समस्या से अवगत कराएंगे।उन्होंने डुमरांव रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग को भी प्रमुखता से उठाने की बात कही। प्रो. दुबे ने कहा कि कोटा-पटना एक्सप्रेस के नियमित ठहराव के साथ ही 13202 राजगीर-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के डुमरांव स्टेशन पर ठहराव की आवश्यकता है, ताकि क्षेत्र के यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिल सके।यातायात जाम की समस्या को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रतापसागर से मां डुमरेजनी प्रवेश द्वार होते हुए टेढ़की पुल तक का इलाका प्रतिदिन जाम की समस्या से जूझ रहा है। खासकर रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक वाहनों का दबाव बढ़ने से लोगों को काफी परेशानी होती है।

इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए वे केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर आवश्यक कदम उठाने की मांग करेंगे।प्रो. दुबे ने बक्सर के क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से बातचीत कर जल्द पहल करने का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत उनके कई विद्यार्थी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अक्टूबर माह में शाहाबाद क्षेत्र के अधिकारियों का एक विशेष सेमिनार आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भावनात्मक बुद्धिमत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी।स्थानीय लोगों ने प्रो. दुबे की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि डुमरांव की समस्याएं अब बड़े मंच तक पहुंचेंगी और उनके समाधान की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

