मनरेगा कार्यों की होगी जमीनी पड़ताल, 1 अगस्त से चौसा की नौ पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण

प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा योजनाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता की कसौटी पर परख अब सामाजिक अंकेक्षण के जरिए होगी। एक अगस्त से चौसा प्रखंड की सभी नौ पंचायतों में वर्ष 2025 के दौरान मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण शुरू किया जाएगा।

मनरेगा कार्यों की होगी जमीनी पड़ताल, 1 अगस्त से चौसा की नौ पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण

__ वर्ष 2025 में कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता, खर्च और पारदर्शिता की होगी जांच, अभिलेख तैयार रखने के निर्देश

केटी न्यूज/चौसा

प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा योजनाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता की कसौटी पर परख अब सामाजिक अंकेक्षण के जरिए होगी। एक अगस्त से चौसा प्रखंड की सभी नौ पंचायतों में वर्ष 2025 के दौरान मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण शुरू किया जाएगा। इसके तहत योजनाओं के क्रियान्वयन, खर्च की गई राशि, कार्यों की गुणवत्ता, मजदूरों की वास्तविक भागीदारी तथा संबंधित अभिलेखों की बारीकी से जांच की जाएगी।सामाजिक अंकेक्षण की तैयारियों को लेकर गुरुवार को चौसा मनरेगा कार्यालय में कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) अरुण कुमार की अध्यक्षता में पंचायत रोजगार सेवकों एवं कार्यालय कर्मियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंकेक्षण प्रक्रिया को सफल और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बताया गया कि जिले से प्रतिनियुक्त सामाजिक अंकेक्षण दल के सदस्य प्रभु कुमार एवं रेखा देवी के नेतृत्व में सभी पंचायतों में योजनाओं का भौतिक सत्यापन और अभिलेखों का मिलान किया जाएगा। जांच के दायरे में करहा सफाई, मिट्टी कार्य, पौधारोपण, शॉकपिट निर्माण, फेबर ब्लॉक निर्माण समेत मनरेगा के तहत संचालित विभिन्न विकास योजनाएं शामिल रहेंगी।पीओ अरुण कुमार ने पंचायत रोजगार सेवकों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं से संबंधित मस्टर रोल, कार्य विवरणी, स्वीकृति पत्र, भुगतान विवरण एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज समय से उपलब्ध कराएं, ताकि अंकेक्षण में किसी प्रकार की बाधा न आए।

उन्होंने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण का उद्देश्य योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को मजबूत करना है। इसके लिए ग्रामीणों को भी अंकेक्षण प्रक्रिया की जानकारी देकर उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।बैठक में पीटीए, कनीय अभियंता, पंचायत रोजगार सेवक तथा मनरेगा कार्यालय के अन्य कर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी संबंधित कर्मियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने और जांच दल को हर स्तर पर सहयोग देने का निर्देश दिया।