नचाप डाकघर की लापरवाही पर विभाग सख्त, पूरे दिन चली जांच

नचाप डाकघर में बरामदे में सैकड़ों आधार कार्ड समेत अन्य महत्वपूर्ण कागजात खुले में बिखरे मिलने और डाकघर के अनियमित संचालन को लेकर प्रकाशित खबर के बाद डाक विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। गुरुवार को डाक निरीक्षक डुमरांव रंजीत कुमार नचाप पहुंचे और पूरे दिन मामले की जांच की।

नचाप डाकघर की लापरवाही पर विभाग सख्त, पूरे दिन चली जांच

__ आधार कार्ड बरामदगी से लेकर डाकघर के नियमित संचालन तक खंगाली गई व्यवस्था, पोस्ट मास्टर व डाकिया के बयानों में विरोधाभास

केटी न्यूज/चौगाईं।

नचाप डाकघर में बरामदे में सैकड़ों आधार कार्ड समेत अन्य महत्वपूर्ण कागजात खुले में बिखरे मिलने और डाकघर के अनियमित संचालन को लेकर प्रकाशित खबर के बाद डाक विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। गुरुवार को डाक निरीक्षक डुमरांव रंजीत कुमार नचाप पहुंचे और पूरे दिन मामले की जांच की। इस दौरान उन्होंने डाकघर के पोस्ट मास्टर और डाकिया से अलग-अलग पूछताछ की। साथ ही मौके पर मौजूद ग्रामीणों से भी डाकघर के संचालन और कर्मियों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।जांच के दौरान ग्रामीणों ने डाक निरीक्षक के समक्ष साफ शब्दों में कहा कि नचाप डाकघर नियमित रूप से नहीं खुलता है। लोगों का कहना था कि कभी-कभार ही डाकघर का ताला खुलता है, जिससे खाताधारकों और आम ग्रामीणों को अपने काम के लिए परेशानी उठानी पड़ती है।

ग्रामीणों ने आधार कार्ड जैसे संवेदनशील दस्तावेजों को खुले में छोड़ने को भी गंभीर लापरवाही बताया।सबसे अहम बात जांच के दौरान कर्मियों के बयानों में सामने आए विरोधाभास को लेकर रही। डाक निरीक्षक रंजीत कुमार के अनुसार, पूछताछ के दौरान पोस्ट मास्टर और डाकिया बार-बार अपना बयान बदलते रहे। शुरुआत में दोनों कर्मियों ने डाकघर के बाहर पड़े आधार कार्ड और अन्य कागजात को इस डाकघर का होने से ही इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में डाकिया ने स्वीकार किया कि उक्त सभी आधार कार्ड और अन्य कागजात को वह अपने बैग में भरकर ले गया है।पूरे दिन चली जांच में डाकघर के संचालन से जुड़ी कई अनियमितताएं भी सामने आने की बात डाक निरीक्षक ने कही है।

उन्होंने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों की विस्तृत रिपोर्ट वरीय पदाधिकारी को भेजी जाएगी। इसके बाद विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई होगी।डाक निरीक्षक के तल्ख तेवर और जांच में सामने आई अनियमितताओं के बाद अब लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है। हालांकि विभाग किस स्तर की कार्रवाई करता है, इस पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि डाकघर के नियमित संचालन और लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।