डुमरांव में अब किडनी मरीजों को नहीं काटने होंगे दूसरे शहरों के चक्कर
किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए डुमरांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का नया द्वार खुला है। अब डायलिसिस के लिए बक्सर, आरा या अन्य शहरों की दौड़ लगाने की मजबूरी कम होगी। डुमरांव अनुमंडल अस्पताल में गुरुवार से डायलिसिस केंद्र की शुरुआत हो गई। डीएम साहिला ने अस्पताल के प्रथम तल पर बने केंद्र का उद्घाटन किया।

__ अनुमंडल अस्पताल में डायलिसिस केंद्र शुरू, राशन कार्डधारियों का मुफ्त होगा इलाज; पांच बेड की क्षमता वाले केंद्र में फिलहाल तीन बेड चालू
केटी न्यूज/डुमरांव।
किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए डुमरांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का नया द्वार खुला है। अब डायलिसिस के लिए बक्सर, आरा या अन्य शहरों की दौड़ लगाने की मजबूरी कम होगी। डुमरांव अनुमंडल अस्पताल में गुरुवार से डायलिसिस केंद्र की शुरुआत हो गई। डीएम साहिला ने अस्पताल के प्रथम तल पर बने केंद्र का उद्घाटन किया। इस सुविधा के शुरू होने से न केवल मरीजों का समय बचेगा, बल्कि बार-बार लंबी दूरी तय करने में होने वाला खर्च और परिजनों की परेशानी भी कम होगी। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह पहल बड़ी राहत लेकर आई है।

__ उद्घाटन के साथ ही शुरू हुआ इलाज
डायलिसिस केंद्र का संचालन अपोलो डायलिसिस क्लिनिक प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा। केंद्र में कुल पांच बेड की व्यवस्था की गई है, हालांकि फिलहाल तीन बेड ही स्थापित किए गए हैं। शेष दो बेड लगाए जाने हैं। मरीजों की देखभाल और डायलिसिस की प्रक्रिया के संचालन के लिए दो टेक्नीशियन और एक नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की गई है। रविवार को केंद्र बंद रहेगा।केंद्र के उद्घाटन के दौरान ही डायलिसिस की प्रक्रिया जारी थी। चौगाईं प्रखंड के बंजरिया गांव निवासी दिलीप कुमार का उपचार किया जा रहा था। इससे स्पष्ट है कि केंद्र की शुरुआत के साथ ही मरीजों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलनी शुरू हो गई है।

__ राशन कार्डधारियों को नहीं देना होगा शुल्क
अनुमंडल अस्पताल के डीएस शिव प्रसाद चौधरी के अनुसार, राशन कार्डधारी मरीजों को डायलिसिस की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, बीपीएल कार्ड नहीं रखने वाले मरीजों को एक डायलिसिस सत्र के लिए 1,795 रुपये देने होंगे। इस व्यवस्था से जरूरतमंद मरीजों को इलाज जारी रखने में आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मरीजों को केंद्र पहुंचने से पहले आवश्यक दस्तावेजों और पात्रता संबंधी नियमों की जानकारी लेनी होगी।

__ किडनी फेल होने पर जरूरी है डायलिसिस
सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार प्रसाद चक्रवर्ती ने बताया कि किडनी की कार्यक्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होने पर डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। सामान्य रूप से किडनी खून से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालती है। किडनी के ठीक से काम नहीं करने पर शरीर में हानिकारक पदार्थ और तरल जमा होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में डायलिसिस मशीन की मदद से खून को साफ किया जाता है। कई मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार नियमित अंतराल पर यह प्रक्रिया करानी पड़ती है।डुमरांव में केंद्र की शुरुआत से अनुमंडल क्षेत्र के मरीजों को उपचार के लिए दूर जाने की निर्भरता कम होने की उम्मीद है। उद्घाटन के मौके पर एसडीएम राजीव कुमार, डीसीएलआर टेश लाल सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और अस्पताल कर्मी मौजूद रहे।


