डुमरांव अस्पताल में इंजेक्शन प्रकरण: जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल, उच्चस्तरीय समीक्षा की मांग

अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव में एक युवती द्वारा मरीज को इंजेक्शन लगाए जाने के मामले में जारी जांच प्रतिवेदन के बाद नई चर्चा शुरू हो गई है। शिकायतकर्ता हरे कृष्णा सिंह उर्फ कृष्णा यादव ने जांच रिपोर्ट पर कुछ बिंदुओं को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय समीक्षा कराने की मांग की है।

डुमरांव अस्पताल में इंजेक्शन प्रकरण: जांच रिपोर्ट पर उठे सवाल, उच्चस्तरीय समीक्षा की मांग

केटी न्यूज/डुमरांव

अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव में एक युवती द्वारा मरीज को इंजेक्शन लगाए जाने के मामले में जारी जांच प्रतिवेदन के बाद नई चर्चा शुरू हो गई है। शिकायतकर्ता हरे कृष्णा सिंह उर्फ कृष्णा यादव ने जांच रिपोर्ट पर कुछ बिंदुओं को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय समीक्षा कराने की मांग की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 अप्रैल को अस्पताल के आकस्मिक विभाग में एक युवती द्वारा अपने भाई को इंजेक्शन लगाए जाने का वीडियो सामने आया था। इस संबंध में की गई जांच के बाद तैयार प्रतिवेदन में कहा गया है कि युवती अपने भाई के साथ अस्पताल आई थी। चिकित्सक द्वारा मरीज को दर्द का इंजेक्शन लगाने की सलाह दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार आकस्मिक विभाग में भीड़ होने के कारण युवती ने स्वयं इंजेक्शन लगाया। पूछताछ में उसने बताया कि वह पहले जीडीए (जनरल ड्यूटी असिस्टेंट) का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी है और इंजेक्शन लगाने की जानकारी रखती है।हालांकि शिकायतकर्ता का कहना है कि वीडियो में दिखाई देने वाले दृश्य और जांच रिपोर्ट के कुछ निष्कर्षों के बीच स्पष्टता की आवश्यकता है। उनका कहना है कि वीडियो में आकस्मिक विभाग में अधिक भीड़ दिखाई नहीं देती, इसलिए इस पहलू की दोबारा जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी जानने की आवश्यकता जताई है कि इंजेक्शन मरीज के परिजनों तक कैसे पहुंचा तथा उस समय ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका क्या थी।

शिकायतकर्ता ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराने तथा आवश्यक होने पर उच्च अधिकारियों द्वारा पुनः जांच कराए जाने की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिलहाल जांच प्रतिवेदन के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया अपनाए जाने की बात कही जा रही है।