‘चुप्पी नहीं, शिकायत जरूरी’, कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों की दी जानकारी
कार्यस्थल पर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा को सुनिश्चित करने के लिए कानून ने कई अधिकार और संरक्षण दिए हैं। जरूरत है कि महिलाएं इन अधिकारों को जानें और किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार को लेकर चुप्पी साधने के बजाय उचित मंच पर शिकायत करें।

__ डुमरांव न्यायालय परिसर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम, पैनल अधिवक्ता ने समझाए यौन उत्पीड़न के कानूनी प्रावधान और शिकायत के तरीके
केटी न्यूज/डुमरांव।
कार्यस्थल पर महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और गरिमा को सुनिश्चित करने के लिए कानून ने कई अधिकार और संरक्षण दिए हैं। जरूरत है कि महिलाएं इन अधिकारों को जानें और किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार को लेकर चुप्पी साधने के बजाय उचित मंच पर शिकायत करें। इसी उद्देश्य से बुधवार को अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, डुमरांव परिसर में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम एवं महिलाओं के कानूनी अधिकारों को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बक्सर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष काजल झाब तथा अवर न्यायाधीश सह सचिव नेहा दयाल के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों, अधिवक्ताओं एवं आम लोगों को कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

__अनुचित व्यवहार को नजरअंदाज नहीं करने की अपील
पैनल अधिवक्ता मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यस्थल ऐसा स्थान होना चाहिए, जहां प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिले। उन्होंने महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के विभिन्न स्वरूपों, शिकायत की प्रक्रिया तथा उपलब्ध कानूनी संरक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अशोभनीय टिप्पणी, अवांछित व्यवहार, अनुचित स्पर्श अथवा किसी भी प्रकार का आपत्तिजनक आचरण सामने आने पर उसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।पीएलवी अनिशा भारती ने भी महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल केवल किसी एक संस्था या अधिकारी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वहां काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कानूनी जानकारी और समय पर शिकायत के माध्यम से महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण वातावरण तैयार किया जा सकता है।कार्यक्रम में सब जज-1 किरण ओझा, सब जज-3 विनीत कुमार सिंह, सब जज-4 प्रदुमन कुमार एवं मुंसफ प्रतीक मिश्रा समेत कई न्यायिक कर्मी, अधिवक्ता और आम लोग मौजूद रहे। अधिवक्ताओं में मुरली मनोहर सिंह, सदन पाण्डे, धनिक सिंह एवं किरण सिंह शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल की सराहना करते हुए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को लगातार आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।

