दिवंगत अधिवक्ताओं की विरासत बनेगी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत

न्याय की राह में अपना जीवन समर्पित करने वाले दिवंगत अधिवक्ताओं का अनुभव और संघर्ष आज की नई पीढ़ी के लिए अनमोल धरोहर है। उनकी जीवनी से न केवल विधि व्यवसाय से जुड़े लोगों को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि न्यायिक क्षेत्र में बेहतर कार्य करने का मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। ये बातें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झांब ने कहीं।

दिवंगत अधिवक्ताओं की विरासत बनेगी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत

__ बक्सर टुडे स्मारिका का विमोचन, प्रधान जिला जज बोलीं—अनुभवी अधिवक्ताओं के संघर्ष और कार्यों से मिलेगी सीख

केटी न्यूज/बक्सर। 

न्याय की राह में अपना जीवन समर्पित करने वाले दिवंगत अधिवक्ताओं का अनुभव और संघर्ष आज की नई पीढ़ी के लिए अनमोल धरोहर है। उनकी जीवनी से न केवल विधि व्यवसाय से जुड़े लोगों को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि न्यायिक क्षेत्र में बेहतर कार्य करने का मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। ये बातें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झांब ने कहीं। वह बुधवार को बक्सर व्यवहार न्यायालय के पुस्तकालय भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में दिवंगत अधिवक्ताओं की जीवनी पर आधारित स्मारिका ‘बक्सर टुडे’ के विमोचन के बाद संबोधित कर रही थीं।

उन्होंने कहा कि बक्सर बार से जुड़े दिवंगत अधिवक्ता किसी रत्न से कम नहीं हैं। उन्होंने अपने जीवन में अनेक संघर्षों का सामना करते हुए न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अधिवक्ता न्याय दिलाने की प्रक्रिया की अहम कड़ी हैं। ऐसे में वर्तमान अधिवक्ताओं को अपने ज्ञान, योग्यता और कार्यक्षमता में निरंतर वृद्धि करनी चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर न्याय दिलाने में प्रभावी भूमिका निभाई जा सके।

परिश्रम से संजोई गई अधिवक्ताओं की यादें

स्मारिका के संपादक, वरीय अधिवक्ता एवं पत्रकार रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने कहा कि दिवंगत अधिवक्ताओं की जीवनी, उनके योगदान और संघर्षों से जुड़ी जानकारी जुटाना आसान नहीं था। इसके लिए लेखक अधिवक्ताओं ने काफी परिश्रम किया। लंबे प्रयास के बाद इन विभूतियों की स्मृतियों को एक माला में पिरोकर स्मारिका का स्वरूप दिया गया है। यह प्रकाशन आने वाली पीढ़ियों को अपने पूर्ववर्ती अधिवक्ताओं के जीवन और कार्यों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण साबित होगा।कार्यक्रम का संचालन भी रामेश्वर प्रसाद वर्मा ने किया। इस अवसर पर कई न्यायिक पदाधिकारियों के साथ जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अधिवक्ता बबन ओझा, महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडेय समेत दर्जनों अधिवक्ता उपस्थित रहे। स्मारिका के विमोचन को बक्सर के विधिक इतिहास और अधिवक्ता समुदाय की विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया।