डुमरांव में 24 घंटे में लौटी बिजली, वैकल्पिक ग्रिड बना संकटमोचक

80 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर में आई तकनीकी खराबी के बाद डुमरांव अनुमंडल में गहराए बिजली संकट पर विभाग ने महज 24 घंटे में काबू पा लिया। संकट के बीच वैकल्पिक ग्रिड की व्यवस्था कर सोमवार की देर रात से चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति बहाल कर दी गई।

डुमरांव में 24 घंटे में लौटी बिजली, वैकल्पिक ग्रिड बना संकटमोचक

__ 80 एमवीए ट्रांसफार्मर की खराबी से 13 पावर सब स्टेशनों की आपूर्ति हुई थी ठप, महाराजगंज ग्रिड से जोड़कर बहाल की गई सप्लाई; स्थायी मरम्मत में लग सकते हैं 15 दिन

केटी न्यूज/डुमरांव।

80 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर में आई तकनीकी खराबी के बाद डुमरांव अनुमंडल में गहराए बिजली संकट पर विभाग ने महज 24 घंटे में काबू पा लिया। संकट के बीच वैकल्पिक ग्रिड की व्यवस्था कर सोमवार की देर रात से चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति बहाल कर दी गई। मंगलवार तक अनुमंडल के सभी 13 पावर सब स्टेशनों से बिजली सप्लाई सामान्य हो गई। इससे भीषण गर्मी में बिजली संकट झेल रहे हजारों उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।डुमरांव के 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र में हाल में स्थापित 80 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर में रविवार को तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके कारण डुमरांव शहर के साथ सिमरी, चक्की, केसठ, नावानगर, प्रतापसागर, दलसागर, एकरासी, मुरार, कोरानसराय, चौगाईं और ढकाईच समेत बड़े इलाके की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई थी। अचानक आपूर्ति ठप होने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ कारोबार और छोटे उद्योगों पर भी असर पड़ा।

__ वैकल्पिक व्यवस्था ने टाला लंबा संकट

ट्रांसफार्मर की खराबी तत्काल दूर नहीं होने पर बिजली विभाग ने वैकल्पिक स्रोत से आपूर्ति शुरू करने की रणनीति अपनाई। इसके तहत डुमरांव ग्रिड को महाराजगंज पावर ग्रिड से जोड़कर 132 केवी डबल सर्किट लाइन के माध्यम से करीब 30 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई गई। वहीं डुमरांव (नया) ग्रिड के 33 केवी फीडर से करीब 15 मेगावाट अतिरिक्त आपूर्ति की व्यवस्था की गई। सीमित क्षमता के बावजूद उपलब्ध संसाधनों से अधिकतम आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

__ खराब ट्रांसफार्मर की मरम्मत में लगेंगे 15 दिन

वैकल्पिक व्यवस्था से फिलहाल बिजली संकट टल गया है, लेकिन मूल समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खराब 80 एमवीए ट्रांसफार्मर की मरम्मत और टेस्टिंग का काम निर्माता कंपनी की टीम कर रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इसे पूरी तरह दुरुस्त करने में करीब 15 दिन या उससे अधिक समय लग सकता है। इस दौरान वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए आपूर्ति बनाए रखने की योजना है।भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न होने पर पूरे अनुमंडल की बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए एक और 80 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। विभाग इसे दीर्घकालिक समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।

__ अधिकारियों ने लिया जायजा

संकट के दौरान बीएसपीटीसीएल के संचरण जोन के जीएम दीपक कुमार झा और कार्यपालक अभियंता सूर्यप्रकाश ने ग्रिड का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली। कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी ने भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम साहिला और एसडीएम राजीव कुमार ने भी लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग करते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों से समन्वय बनाए रखा।स्थानीय स्तर पर सहायक विद्युत अभियंता आरके दुबे, अर्जुन वर्मा, सहायक कार्यपालक अभियंता अभिषेक कुमार, कनीय अभियंता मो. इम्तियाज और जितेंद्र कुमार समेत अन्य कर्मियों ने लगातार प्रयास कर वैकल्पिक आपूर्ति बहाल कराने में भूमिका निभाई।

_कहते हैं एईई

उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप बेहतर से बेहतर आपूर्ति देने का प्रयास किया जा रहा है। अतिरिक्त 80 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाने की योजना है। सभी तकनीकी बिंदुओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

अर्जुन वर्मा, सहायक विद्युत अभियंता, कोरानसराय