सड़क हादसे में डुमरांव निवासी कामगर की पंजाब में मौत, शव आते ही मची चिख-पुकार
डुमरांव के एक कामगर की पंजाब के भटिंडा में एक सड़क हादसे में मौत हो गई है। बुधवार को उसका शव लाया गया। शव आते ही परिजनों में चिख-पुकार मच गई। वहीं, पड़ोसियों की आंखे भी नम हो गई थी। परिजनों ने भारी मन से बक्सर स्थित मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार किया।


-- राजस्थान के हनुमानगढ़ में रह निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी में चलाता था पिकअप, दो दिन पूर्व हुआ था हादसे का शिकार, परिजनों ने भारी मन से किया अंतिम संस्कार
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव के एक कामगर की पंजाब के भटिंडा में एक सड़क हादसे में मौत हो गई है। बुधवार को उसका शव लाया गया। शव आते ही परिजनों में चिख-पुकार मच गई। वहीं, पड़ोसियों की आंखे भी नम हो गई थी। परिजनों ने भारी मन से बक्सर स्थित मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार किया।मृतक की पहचान डुमरांव के वार्ड 26 स्थित देवी मिश्र की गली निवासी कन्हैया प्रसाद के 35 वर्षीय पुत्र दीपक कुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार वह राजस्थान के हनुमानगढ़ में रह एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी का पिकअप चलाता था। 24 अगस्त को वह कंपनी के काम से ही पिकअप लेकर पंजाब के भटिंडा शहर गया था। इसी दौरान हाइवे पर एक तेज रफ्तार वाहन ने उसके पिकअप में जोरदार टक्कर मार दिया। इस हादसे में दीपक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही रोते-विलखते स्वजन घटन स्थल को रवाना हुए तथा पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर बुधवार की शाम डुमरांव पहुंचे। इस दौरान परिजनों का जहां रो-रोकर बुरा हाल हो गया था, वहीं पड़ोसियों की आंखें भी भर आई थी।

-- छह भाईयों में तीसरे नंबर पर था मृतक
मृतक छह भाईयों में तीसरे नंबर पर था तथा अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। इस घटना के बाद पिता कन्हैया प्रसाद के अलावे माता सरस्वती देवी, बड़े भाई रामवकील चौधरी, लक्ष्मण चौधरी, छोटे भाई राहुल तथा सोनू दहाड़े मारकर रो रहे थे। मोहल्लेवासियों ने बताया कि वह लंबे समय से राजस्थान में रह आजीविका चला रहा था तथा ढाई वर्ष पूर्व डुमरांव आया था। मोहल्लेवासियों ने बताया कि वह काफी मिलनसार प्रवृति का था।

-- छह वर्ष पूर्व लापता हुआ था छोटा भाई
दीपक की मौत के पहले भी इस परिवार के साथ छह वर्ष पूर्व एक हादसा हुआ था। उसका सबसे छोटा भाई पंकज गाजियाबाद स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ता था तथा छह साल पहले वह स्कूल से ही रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था। उसका आज तक कही सुराग नहीं लगा।परिवार अभी पंकज की खोजबीन में परेशान था कि दीपक के साथ हुए हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। यही कारण है कि इस घटना के बाद परिजनों के आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे थे।

