कृष्णानंद राय हत्याकांड : कोर्ट से बाहर आते ही मिडियाकर्मियों से बोले सांसद अफजाल अंसारी... छाप लीजिए दो-चार दिन

- 2005 में कृष्णानन्द राय की हुई थी हत्या, दो साल बाद दर्ज हुआ थामुकदमा
केटी न्यूज/गाजीपुर
गैंगेस्टर कोर्ट में शुक्रवार को बीजेपी विधायक स्व. कृष्णानन्द राय हत्याकांड में गाजीपुर से बसपा सांसद अफजाल अंसारी और उनके भाई मुख्तार अंसारी पर अंतिम बहस शुरू हुई। एक अप्रैल को फिर बहस की तारीख कोर्ट द्वारा दी गई है और कल ही बहस पूरी होने की भी बता बताई जा रही है। कोर्ट से निकलने के बाद सांसद अफजाल अंसारी ने मीडियाकर्मियों से भोजपुरी अंदाज में कहा कि दो-चार दिन और छाप लीजिए, आपके लिए मसालेदार खबर है।
बता दें कि 2005 में बीजेपी विधायक कृष्णानन्द राय की मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के बसनिया चट्टी पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस गोलीबारी में कृष्णानन्द राय समेत सात लोगों की मौत हुई थी। जिसमें मुख्तार अंसारी और उनके भाई बसपा सांसद अफजाल अंसारी मुख्य आरोपी हैं।एडीजीसी क्रिमिनल नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि 2007 में कृष्णानन्द राय हत्याकांड मामले में मुख्तार अंसारी, अफजाल अंसारी और एजाजुल हक के विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें चार्जशीट लग गयी थी और आज से फाइनल बहस शुरू हुई है। इस गैंगचार्ट में एक अन्य मुकदमा रूंगटा अपहरण और हत्याकांड का भी है, पर वो अलग से है। कोर्ट में मुख्तार अंसारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत हुए। जबकि अफजाल अंसारी फिजिकल तौर पर उपस्थित थे।इस दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता लियाकत अली ने कहा की इस मामले में अफजाल अंसारी और मुख्तार अंसारी दोनों सीबीआई कोर्ट से बरी हो चुके हैं। 2005 में कृष्णानन्द राय की हत्या हुई थी और दो साल बाद ये मुकदमा दर्ज हुआ था। 2007 में इंस्पेक्टर मुहम्मदाबाद के द्वारा गैंगेस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। पहले ये मुकदमा सिर्फ मुखतार अंसारी पर दर्ज कराया गया था। बाद में इसी मुकदमे में दो और लोगों का नाम बढ़ा दिया गया। अफजाल अंसारी पर न तो अलग से कोई एफआईआर दर्ज की गई, न तो अलग से गैंगचार्ट बनाया गया और सारी कार्रवाई एक ही दिन में पूरी कर ली गई।