कलाकारों के लिए सरकार की योजनाएं बनीं सहारा

जिले के कलाकारों को आर्थिक संबल देने और कला-संस्कृति की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

कलाकारों के लिए सरकार की योजनाएं बनीं सहारा

__ पेंशन से लेकर प्रशिक्षण तक मिल रहा लाभ, गुरु-शिष्य परंपरा और कलाकार कल्याण कोष से आर्थिक मदद का प्रावधान

केटी न्यूज/बक्सर।

जिले के कलाकारों को आर्थिक संबल देने और कला-संस्कृति की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना, गुरु-शिष्य परंपरा योजना, कलाकार कल्याण कोष तथा आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से कलाकारों को अलग-अलग स्तर पर लाभ दिया जा रहा है।

__ 50 वर्ष की उम्र पर कलाकारों को पेंशन

मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना का उद्देश्य लंबे समय तक कला के क्षेत्र में योगदान देने वाले वृद्ध, आर्थिक रूप से कमजोर और उपेक्षित कलाकारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके लिए आवेदक की उम्र कम से कम 50 वर्ष, बिहार का मूल निवासी और कला के क्षेत्र में न्यूनतम 10 वर्षों का अनुभव होना जरूरी है। वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक सरकारी सेवा में नहीं होना चाहिए तथा विभागीय कलाकार पंजीयन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है।

__ गुरु-शिष्य परंपरा से कला को मिलेगा संरक्षण

दुर्लभ और विलुप्तप्राय कला विधाओं के संरक्षण के लिए गुरु-शिष्य परंपरा योजना संचालित है। इसमें गुरु की न्यूनतम आयु 50 वर्ष तथा शिष्य की आयु 16 से 35 वर्ष निर्धारित है। चयनित गुरु को 15 हजार रुपये प्रतिमाह, संगत कलाकार को 7,500 रुपये और प्रत्येक शिष्य को तीन हजार रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी। प्रत्येक विद्या में अधिकतम आठ शिष्यों का चयन किया जाएगा।

__ कलाकार कल्याण कोष से दो लाख तक सहायता

कलाकार कल्याण कोष के तहत चिकित्सा, प्रदर्शन कला और चाक्षुष कला के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान है। बीमारी अथवा घायल होने की स्थिति में अधिकतम दो लाख रुपये तथा प्रदर्शन एवं चाक्षुष कला के क्षेत्र में भी अधिकतम दो लाख रुपये तक सहायता दी जा सकती है। वहीं वाद्ययंत्र, उपकरण और कला सामग्री खरीदने के लिए अधिकतम 50 हजार रुपये तक अनुदान का प्रावधान है।

__ युवा कलाकारों के लिए आम्रपाली केंद्र

जिले के नवोदित और युवा कलाकारों को प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से जून 2026 में बक्सर में आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की गई है। बाजार समिति रोड स्थित प्रेम आर्केड में संचालित इस केंद्र पर योग्य शिक्षकों द्वारा शास्त्रीय नृत्य, संगीत, वाद्ययंत्र सहित विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से नई पीढ़ी को कला की सही परंपरा से जोड़ना और जिले को दक्ष कलाकार उपलब्ध कराना है। योजनाओं की विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है।