कार्रवाई के बाद भी नहीं थमा सवाल, अवैध आरा मशीनों पर डीएफओ की सीधी नजर
नया भोजपुर में अवैध आरा मशीनों के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई ने एक नया मोड़ ले लिया है। रविवार की छापेमारी के बाद शनिवार को वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रदुमन गौरव स्वयं पांचों कार्रवाई स्थलों पर पहुंचे और पूरे मामले की जमीनी स्थिति का जायजा लिया।

केटी न्यूज/डुमरांव।
नया भोजपुर में अवैध आरा मशीनों के खिलाफ वन विभाग की कार्रवाई ने एक नया मोड़ ले लिया है। रविवार की छापेमारी के बाद शनिवार को वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रदुमन गौरव स्वयं पांचों कार्रवाई स्थलों पर पहुंचे और पूरे मामले की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद लकड़ियों को तत्काल जब्त करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद दोपहर से शुरू हुई जब्ती की कार्रवाई देर शाम तक जारी रही।वन विभाग की इस कार्रवाई से अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों में दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा। इससे पहले पिछले रविवार को विभाग की टीम ने करीब आधा दर्जन संदिग्ध आरा मशीन संचालकों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। हालांकि, कार्रवाई की भनक पहले ही लग जाने के कारण कई संचालक मशीनें मौके से हटा चुके थे। बावजूद इसके, जांच के दौरान डीजल इंजन, मशीनों के फाउंडेशन, लकड़ी के बोटे, सापट, भेंसा टाली समेत कई सामान बरामद किए गए थे।

अब विभागीय कार्रवाई के बीच सबसे अहम सवाल छापेमारी की सूचना लीक होने को लेकर उठ रहा है। स्थानीय स्तर पर इस बात की चर्चा है कि कार्रवाई से पहले ही संबंधित लोगों तक सूचना कैसे पहुंची। वहीं, नया भोजपुर सब्जी मंडी के समीप संचालित बताई जा रही एक चर्चित आरा मशीन पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। डीएफओ के निरीक्षण के दौरान परिसर के मुख्य गेट पर ताला लगा मिला।स्थानीय लोगों के अनुसार इलाके में एक दर्जन से अधिक वैध-अवैध आरा मशीनें संचालित हैं। ऐसे में लंबे अंतराल के बाद शुरू हुई कार्रवाई को लेकर अब लोगों की नजर विभाग की अगली कार्रवाई पर है। सवाल यह है कि वन विभाग की कार्रवाई कितनी दूर तक जाती है और क्या सभी संदिग्ध इकाइयों की निष्पक्ष जांच कर अवैध लकड़ी कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

