डुमरांव की सड़कों पर आंदोलन तेज, तीसरे दिन भी नहीं टूटा प्रदर्शनकारियों का हौसला
डुमरांव शहर की बदहाल सड़कों और राज हाई स्कूल के खेल मैदान की समस्याओं को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब धीरे-धीरे उग्र रूप लेता जा रहा है। समाजसेवी संस्था ‘स्वयं शक्ति’ के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा।

__ जर्जर सड़कों और राज हाई स्कूल मैदान के जीर्णोद्धार की मांग पर डटे प्रदर्शनकारी, प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश; रविवार से भूख हड़ताल की चेतावनी
केटी न्यूज/डुमरांव।
डुमरांव शहर की बदहाल सड़कों और राज हाई स्कूल के खेल मैदान की समस्याओं को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब धीरे-धीरे उग्र रूप लेता जा रहा है। समाजसेवी संस्था ‘स्वयं शक्ति’ के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। संस्था के अध्यक्ष धीरज मिश्रा के नेतृत्व में आंदोलन कर रहे लोगों ने स्पष्ट कर दिया है कि महज आश्वासन से अब आंदोलन समाप्त नहीं होगा। जब तक संबंधित विभाग लिखित आश्वासन के साथ काम शुरू कराने की निश्चित समयसीमा नहीं बताता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।आंदोलनकारियों ने पुराना भोजपुर से मां डुमरेजनी प्रवेश द्वार तक की जर्जर सड़क, जंगली शिव रोड की बदहाली तथा राज हाई स्कूल के खेल मैदान के जीर्णोद्धार को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं को लेकर आवाज उठाई जा रही है, लेकिन अब तक धरातल पर अपेक्षित पहल नहीं हुई है।

__ बारिश में सड़कें बन जाती हैं मुसीबत
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, शहर की कई प्रमुख सड़कों की स्थिति ऐसी है कि बारिश के दौरान आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है। जलजमाव और गड्ढों के कारण लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।वहीं राज हाई स्कूल मैदान में जलजमाव की समस्या ने खेल गतिविधियों को भी प्रभावित कर दिया है। आंदोलनकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत मैदान के विकास के लिए 205.92 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन अब तक इसका लाभ जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है।

__ आज से भूख हड़ताल की चेतावनी
तीन दिनों से जारी हड़ताल के बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं होने से आंदोलनकारियों का आक्रोश बढ़ रहा है। संस्था के सदस्यों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया तो रविवार से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। आंदोलनकारियों ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि डुमरांव की बुनियादी सुविधाओं और आम जनता के अधिकार की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन को पीछे नहीं हटाया जाएगा।

