परीक्षा केन्द्र पर बेहोश हुई छात्रा, छूटी परीक्षा, थानाध्यक्ष की तत्परता से बची जान
इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों पर पड़ने वाला मानसिक दबाव एक बार फिर सामने आया, जब राज हाई स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा अचानक बेहोश हो गई। घटना दूसरी पाली की परीक्षा से ठीक पहले की है। उषारानी महारानी महाविद्यालय की इंटरमीडिएट छात्रा रोजी खातून परीक्षा देने केंद्र पर पहुंची ही थी कि उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह अचेत होकर गिर पड़ी। देखते ही देखते परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
केटी न्यूज/डुमरांव
इंटरमीडिएट परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों पर पड़ने वाला मानसिक दबाव एक बार फिर सामने आया, जब राज हाई स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा अचानक बेहोश हो गई। घटना दूसरी पाली की परीक्षा से ठीक पहले की है। उषारानी महारानी महाविद्यालय की इंटरमीडिएट छात्रा रोजी खातून परीक्षा देने केंद्र पर पहुंची ही थी कि उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह अचेत होकर गिर पड़ी। देखते ही देखते परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।स्थिति की गंभीरता को समझते हुए केंद्राधीक्षक ने बिना समय गंवाए डुमरांव थाने की पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए छात्रा को अपने वाहन से अनुमंडल अस्पताल डुमरांव पहुंचाया। समय पर अस्पताल पहुंचने से डॉक्टरों ने त्वरित प्राथमिक उपचार कर छात्रा की हालत को स्थिर कर लिया।अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार छात्रा फिलहाल खतरे से बाहर है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि परीक्षा को लेकर अत्यधिक घबराहट और मानसिक तनाव के कारण यह स्थिति बनी। डॉक्टरों की टीम छात्रा की निगरानी कर रही है और आवश्यक उपचार जारी है।

हालांकि इस अप्रत्याशित घटना के कारण छात्रा उस दिन की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी, लेकिन शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार वह संबंधित विषय की परीक्षा सप्लीमेंट्री के माध्यम से दे सकेगी। इससे उसका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित नहीं होगा, जो छात्रा और उसके परिजनों के लिए बड़ी राहत है।घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि यदि समय पर पुलिस और प्रशासन की मदद नहीं मिलती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। यह घटना परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।

