डुमरांव में आस्था के रंग में रंगा अनंत चतुर्दशी का पर्व
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार को डुमरांव शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा-अर्चना को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह रहा। शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रही और दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों के बीच माहौल भक्तिमय बना रहा।

__ मंदिरों में दिनभर गूंजते रहे विष्णु स्तुति के स्वर, श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से की पूजा-अर्चना
केटी न्यूज/डुमरांव।
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर शुक्रवार को डुमरांव शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा-अर्चना को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह रहा। शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगी रही और दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों के बीच माहौल भक्तिमय बना रहा।पर्व को लेकर श्रद्धालुओं ने सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लिया। इसके बाद घरों और मंदिरों में भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की विधि-विधान से पूजा की गई। पूजा के दौरान फल, फूल, नैवेद्य सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की गई।

महिलाओं ने घरों में पारंपरिक पकवान और पुआ आदि तैयार कर भगवान को भोग लगाया। पूजा संपन्न होने के बाद परिवार के सदस्यों के बीच प्रसाद वितरित किया गया।डुमरांव के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। महिलाओं के साथ पुरुष और बच्चे भी पूजा-अर्चना में शामिल हुए। कई मंदिरों में अनंत व्रत की कथा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु की महिमा और अनंत चतुर्दशी के धार्मिक महत्व का श्रवण किया।

पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने अनंत सूत्र धारण किया। मान्यता के अनुसार अनंत सूत्र भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप के प्रति आस्था और उनके आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। परंपरा के अनुसार पुरुष दाहिने हाथ और महिलाएं बाएं हाथ में अनंत सूत्र बांधती हैं। श्रद्धालुओं ने अनंत सूत्र धारण कर परिवार की खुशहाली और जीवन में सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। पर्व के चलते पूरे शहर में दिनभर धार्मिक उल्लास और भक्ति का माहौल कायम रहा।

