रघुनाथपुर में तुलसी महोत्सव की राह खुली, 14 लाख का खाका तैयार

रघुनाथपुर स्थित ऐतिहासिक तुलसी स्थान को नई पहचान दिलाने की दिशा में वर्षों से चल रहे प्रयासों को अब प्रशासनिक पहल का साथ मिलता दिख रहा है। यहां तीन दिवसीय राजकीय तुलसी महोत्सव आयोजित करने की तैयारी तेज हो गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रखंड स्तर से महोत्सव की विस्तृत कार्ययोजना और करीब 14 लाख रुपये का प्रस्तावित बजट तैयार कर लिया गया है।

रघुनाथपुर में तुलसी महोत्सव की राह खुली, 14 लाख का खाका तैयार

__ तीन दिन रामकथा, तुलसी साहित्य और लोक संस्कृति से सजेगा मंच, जिला प्रशासन ने तैयार किया प्रस्ताव; सांस्कृतिक निदेशालय की मंजूरी का इंतजार

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर।

रघुनाथपुर स्थित ऐतिहासिक तुलसी स्थान को नई पहचान दिलाने की दिशा में वर्षों से चल रहे प्रयासों को अब प्रशासनिक पहल का साथ मिलता दिख रहा है। यहां तीन दिवसीय राजकीय तुलसी महोत्सव आयोजित करने की तैयारी तेज हो गई है। जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रखंड स्तर से महोत्सव की विस्तृत कार्ययोजना और करीब 14 लाख रुपये का प्रस्तावित बजट तैयार कर लिया गया है। तैयार प्रतिवेदन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, बक्सर को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके बाद समेकित प्रस्ताव सांस्कृतिक कार्य निदेशालय को भेजे जाने की प्रक्रिया है।

हालांकि महोत्सव के आयोजन और बजट की अंतिम स्वीकृति सक्षम स्तर से मिलना बाकी है।जिलाधिकारी साहिला के निर्देश पर ब्रह्मपुर बीडीओ सोनू कुमार ने आयोजन की रूपरेखा, तुलसी स्थान की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता, कार्यक्रमों, कलाकारों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ संभावित खर्च का विस्तृत ब्योरा तैयार कराया है। प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाया गया तो रघुनाथपुर में तीन दिनों तक धर्म, साहित्य, संगीत और लोक संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

__ रामकथा से लेकर नृत्य-नाटिका तक, तीन दिन चलेगा सांस्कृतिक आयोजन

प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार पहले दिन उद्घाटन समारोह के साथ तुलसीदास के साहित्यिक योगदान पर परिचर्चा, रामकथा और लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम होंगे। दूसरे दिन रामकथा, कवि गोष्ठी और रामचरितमानस आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तावित है। तीसरे दिन रामचरितमानस के आदर्शों और सामाजिक प्रभाव पर विचार गोष्ठी, स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियां तथा सम्मान समारोह होगा।आयोजन में देश-प्रदेश के प्रसिद्ध रामकथा वाचकों, विद्वानों और कवियों को आमंत्रित करने की योजना है। साथ ही स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं को भी मंच देने का प्रस्ताव है।

__ 14 लाख के प्रस्ताव में मानदेय से लेकर मंच तक का खर्च

प्रारंभिक बजट में रामकथा वाचकों, विद्वानों और कवियों के मानदेय व आमंत्रण पर पांच लाख, टेंट, लाइट व साउंड पर चार लाख, प्रसाद व जलपान पर एक लाख, नृत्य-नाटिका व सांस्कृतिक कार्यक्रम पर 1.50 लाख, मंच सजावट पर एक लाख, प्रचार-प्रसार पर 50 हजार तथा स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक दलों के मानदेय पर एक लाख रुपये खर्च का प्रस्ताव है।

__ वर्षों की मांग को प्रशासनिक पहल से मिली उम्मीद

राजकीय तुलसी महोत्सव और तुलसी आश्रम के विकास को लेकर तुलसी विचार मंच के संयोजक शैलेश कुमार ओझा लंबे समय से प्रयासरत हैं। तुलसी आश्रम को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और महोत्सव के आयोजन को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं सरकार के विभिन्न स्तरों पर मांग रखी जाती रही है। अब प्रशासन द्वारा प्रस्ताव तैयार किए जाने से इस दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।स्थानीय लोगों के अनुसार रघुनाथपुर का तुलसी स्थान गोस्वामी तुलसीदास की स्मृतियों और रामकथा परंपरा से जुड़ा माना जाता है। यहां प्राचीन तुलसी चबूतरा भी आस्था का केंद्र है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध राजस्व अभिलेखों और शाहाबाद गजेटियर में भी तुलसीदास के रघुनाथपुर प्रवास का उल्लेख किए जाने की बात कही जाती है। महोत्सव आयोजित होने से इस स्थल को साहित्य, संस्कृति और पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।