भगवान वामन मंदिर को मिली नई पहचान की उम्मीद

बक्सर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को भगवान वामन मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा मंदिर को स्वतंत्र पहचान दिलाने की दिशा में अपने पूर्व घोषणा को फिर से दोहराते हुए नई उम्मीद जगा दी। गंगा और ठोरा नदियों के संगम क्षेत्र स्थित बक्सर केंद्रीय कारा परिसर में मौजूद इस ऐतिहासिक मंदिर में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं और समर्थकों की भीड़ जुटी रही।

भगवान वामन मंदिर को मिली नई पहचान की उम्मीद

-- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय कारा परिसर पहुंच किया पूजा-अर्चना, अलग परिसर निर्माण के संकेत से भक्तों में उत्साह

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को भगवान वामन मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा मंदिर को स्वतंत्र पहचान दिलाने की दिशा में अपने पूर्व घोषणा को फिर से दोहराते हुए नई उम्मीद जगा दी। गंगा और ठोरा नदियों के संगम क्षेत्र स्थित बक्सर केंद्रीय कारा परिसर में मौजूद इस ऐतिहासिक मंदिर में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुबह से ही श्रद्धालुओं और समर्थकों की भीड़ जुटी रही।मुख्यमंत्री ने मंदिर में विधिवत पूजा की और वहां मौजूद स्थानीय लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उनके साथ प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के स्वागत में मंदिर परिसर में विशेष सजावट की गई थी। श्रद्धालुओं ने भगवान वामन के जयकारों के साथ उनका स्वागत किया।गौरतलब है कि भगवान वामन मंदिर केंद्रीय कारा की बाहरी चारदीवारी के भीतर स्थित है। वर्षों से स्थानीय लोग और संत समाज इस मंदिर को जेल परिसर से अलग करने की मांग उठाते रहे हैं। लोगों का कहना है कि धार्मिक महत्व वाले इस स्थल तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को असुविधा होती है तथा जेल परिसर की बंदिशों के कारण मंदिर का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है।

इसी मांग को लेकर बीते 25 मार्च को समृद्धि यात्रा के दौरान बक्सर पहुंचे तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ आए सम्राट चौधरी ने घोषणा की थी कि भगवान वामन मंदिर को केंद्रीय कारा की चारदीवारी से बाहर कर स्वतंत्र परिसर का स्वरूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के ताजा दौरे के बाद एक बार फिर इस घोषणा के अमल में आने की उम्मीद तेज हो गई है।स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि मंदिर को अलग परिसर के रूप में विकसित किया जाता है तो बक्सर का धार्मिक और पर्यटन महत्व और बढ़ेगा। साथ ही श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी। भाजपा नेताओं ने भी इसे सनातन आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया।