एटीएम कार्ड नहीं बनवाया, फिर भी खाते से उड़ गए 1.40 लाख रुपये
बिना एटीएम कार्ड बनवाए ही बैंक खाते से 1.40 लाख रुपये निकल जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बड़का ढकाइच गांव निवासी मिथिलेश कुमार के खाते से लगातार तीन दिनों तक अलग-अलग शहरों में निकासी होती रही, लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। जब वह बैंक पहुंचे और खाते का ब्योरा निकलवाया, तब अपने ही रुपये गायब होने की जानकारी मिली।

__ तीन दिन तक बक्सर से रांची तक होती रही निकासी, बैंक पहुंचने पर खुला मामला; साइबर ठगी की आशंका से मचा हड़कंप
केटी न्यूज/कृष्णाब्रह्म।
बिना एटीएम कार्ड बनवाए ही बैंक खाते से 1.40 लाख रुपये निकल जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बड़का ढकाइच गांव निवासी मिथिलेश कुमार के खाते से लगातार तीन दिनों तक अलग-अलग शहरों में निकासी होती रही, लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। जब वह बैंक पहुंचे और खाते का ब्योरा निकलवाया, तब अपने ही रुपये गायब होने की जानकारी मिली। इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा और खाताधारकों के पैसों की हिफाजत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।पीड़ित मिथिलेश कुमार का खाता पंजाब नेशनल बैंक की नया भोजपुर शाखा में है। उनके मुताबिक, खाते से पहली निकासी 21 सितंबर को बक्सर में की गई। इसके बाद 22 और 23 सितंबर को झारखंड की राजधानी रांची से रुपये निकाले गए।

तीन दिनों के भीतर तीन बार में कुल 1.40 लाख रुपये की निकासी कर ली गई। अलग-अलग शहरों से हुई इन निकासियों की जानकारी उन्हें तब तक नहीं मिली, जब तक वह खुद बैंक नहीं पहुंचे।मिथिलेश कुमार 25 सितंबर को अपने खाते से रुपये निकालने के लिए बैंक गए थे। खाते की जांच कराने पर उन्हें लगातार तीन दिनों में हुई निकासी का पता चला। यह सुनते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ित का दावा है कि उन्होंने कभी एटीएम कार्ड बनवाया ही नहीं था। ऐसे में एटीएम के माध्यम से उनके खाते से इतनी बड़ी रकम कैसे निकल गई, यह जांच का विषय बन गया है।

पीड़ित ने पुलिस को यह भी बताया कि करीब चार-पांच वर्ष पहले उनका मोबाइल फोन गुम हो गया था। हालांकि, पुराने मोबाइल के गुम होने और हालिया निकासी के बीच कोई संबंध है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।मामले में मिथिलेश कुमार ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कृष्णाब्रह्म थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस निकासी से जुड़े एटीएम और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि बिना एटीएम कार्ड बनवाए खाते से रुपये निकालने के पीछे किसकी भूमिका है और रकम किसने निकाली।

