माता-पिता का साया उठने के बाद बुझ गई एक और जिंदगी, किशोरी की मौत ने खड़े किए कई सवाल

स्थानीय थाना क्षेत्र इलाके को झकझोर दिया। घटना सिर्फ एक असामयिक मौत नहीं, बल्कि उन सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों पर भी सवाल खड़े करती है, जिनसे गुजर रहे बच्चों को समय पर मानसिक और भावनात्मक सहारा नहीं मिल पाता।जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब तीन बजे किशोरी ने अपने घर में दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली।

माता-पिता का साया उठने के बाद बुझ गई एक और जिंदगी, किशोरी की मौत ने खड़े किए कई सवाल

केटी न्यूज/नावानगर

स्थानीय थाना क्षेत्र इलाके को झकझोर दिया। घटना सिर्फ एक असामयिक मौत नहीं, बल्कि उन सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों पर भी सवाल खड़े करती है, जिनसे गुजर रहे बच्चों को समय पर मानसिक और भावनात्मक सहारा नहीं मिल पाता।जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब तीन बजे किशोरी ने अपने घर में दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली। परिजनों ने जब उसे नीचे उतारा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही नावानगर थाना पुलिस तथा एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, किशोरी के सिर से पहले पिता और फिर करीब एक वर्ष पूर्व मां का साया भी उठ चुका था।

माता-पिता की मृत्यु के बाद वह अपने चाचा के परिवार के साथ रह रही थी। बताया जाता है कि वह कुछ दिन पहले अपनी बड़ी बहन के ससुराल गई थी और घटना से एक दिन पहले ही वापस लौटी थी। हालांकि आत्महत्या के पीछे की स्पष्ट वजह अभी सामने नहीं आई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि माता-पिता को खोने के बाद किशोरी काफी शांत रहने लगी थी। लोगों का मानना है कि ऐसे बच्चों को परिवार और समाज की ओर से अधिक भावनात्मक सहयोग और मानसिक संबल की आवश्यकता होती है। नावानगर थानाध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि किशोरी के आत्महत्या करने की सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। एफएसएल टीम ने भी जांच की है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।