डीएम के निर्देश पर सरकारी जमीन से हटा वर्षों पुराना अतिक्रमण, ग्रामीणों को मिली सार्वजनिक स्थल की राहत

सोनवर्षा थाना क्षेत्र के कड़सर गांव में वर्षों से सरकारी भूमि पर चले आ रहे अतिक्रमण को प्रशासन ने सोमवार को हटाकर तीन डिसमिल जमीन को मुक्त करा लिया। जिला प्रशासन के निर्देश पर अंचल एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को कब्जे से खाली कराया।

डीएम के निर्देश पर सरकारी जमीन से हटा वर्षों पुराना अतिक्रमण, ग्रामीणों को मिली सार्वजनिक स्थल की राहत

- कड़सर गांव में तीन डिसमिल सरकारी भूमि कराई गई अतिक्रमण मुक्त, सामुदायिक उपयोग के लिए फिर होगी उपलब्ध

केटी न्यूज/नावानगर

सोनवर्षा थाना क्षेत्र के कड़सर गांव में वर्षों से सरकारी भूमि पर चले आ रहे अतिक्रमण को प्रशासन ने सोमवार को हटाकर तीन डिसमिल जमीन को मुक्त करा लिया। जिला प्रशासन के निर्देश पर अंचल एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को कब्जे से खाली कराया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं हुई और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जानकारी के अनुसार कड़सर गांव के वार्ड संख्या-6 में एक व्यक्ति द्वारा लगभग तीन डिसमिल सरकारी भूमि पर बाउंड्री बनाकर कब्जा कर लिया गया था। परिसर में पशुओं के लिए नाद-चरण तथा गोशाला भी बना ली गई थी। इससे सार्वजनिक उपयोग की यह जमीन ग्रामीणों की पहुंच से बाहर हो गई थी और लंबे समय से स्थानीय लोगों में असंतोष बना हुआ था।

ग्रामीण हरेंद्र सिंह ने इस मामले की शिकायत पहले अंचल कार्यालय और बाद में जिलाधिकारी से की थी। शिकायत में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर आम लोगों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। जिलाधिकारी द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद नावानगर अंचल प्रशासन को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया गया। निर्देश के आलोक में हाल ही में पदभार संभालने वाले अंचलाधिकारी सुधांशु शेखर मिश्रा ने सोनवर्षा थाना पुलिस के सहयोग से मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटवाया और सरकारी भूमि को अपने कब्जे में लिया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक टीम पूरी तरह मुस्तैद रही। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि का उपयोग पहले सामाजिक, धार्मिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए किया जाता था।

अतिक्रमण के कारण वर्षों से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। जमीन खाली होने के बाद अब फिर से गांव के सार्वजनिक कार्यों में इसका उपयोग संभव हो सकेगा।अंचलाधिकारी सुधांशु शेखर मिश्रा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन आगे भी शिकायत मिलने पर ऐसे मामलों में अभियान चलाकर कार्रवाई करता रहेगा, ताकि सरकारी संपत्तियों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।