अब शिक्षा सहयोगी नहीं रहे अरविंद सिंह, सांसद सुधाकर सिंह ने हटाया

शिक्षा विभाग में लंबे समय से चल रही कथित अनियमितताओं और माफियागिरी को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने अपने अधिकृत शिक्षा सहयोगी अरविंद कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। सांसद द्वारा जारी पत्रांक बीएक्सआर/525 दिनांक 13 जुलाई 2026 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अरविंद सिंह के क्रियाकलाप, गतिविधियों एवं संदिग्ध आचरण के संबंध में उन्हें नकारात्मक सूचनाएं प्राप्त हुई हैं।

अब शिक्षा सहयोगी नहीं रहे अरविंद सिंह, सांसद सुधाकर सिंह ने हटाया

__ केशव टाइम्स की खबरों को मिली नई मजबूती, जारी पत्र में संदिग्ध गतिविधियों और नकारात्मक सूचनाओं का हवाला 

__ लंबे समय से शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार और माफियागिरी को लेकर प्रकाशित खबरों पर फिर छिड़ी बहस

केटी न्यूज/बक्सर। 

शिक्षा विभाग में लंबे समय से चल रही कथित अनियमितताओं और माफियागिरी को लेकर एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बक्सर के सांसद सुधाकर सिंह ने अपने अधिकृत शिक्षा सहयोगी अरविंद कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। सांसद द्वारा जारी पत्रांक बीएक्सआर/525 दिनांक 13 जुलाई 2026 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अरविंद सिंह के क्रियाकलाप, गतिविधियों एवं संदिग्ध आचरण के संबंध में उन्हें नकारात्मक सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इसी आधार पर उन्हें शिक्षा विभाग के प्राधिकृत सहयोगी एवं प्रतिनिधि की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है, ताकि भविष्य में प्रतिनिधि के रूप में किसी भी अविधिक कार्य में उनकी संलिप्तता न हो सके।सांसद के इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग के गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

लंबे समय से शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार, दलाली और माफियागिरी को लेकर लगातार खबरें प्रकाशित करने वाले केशव टाइम्स की रिपोर्टों को इस घटनाक्रम से नई मजबूती मिलने की चर्चा है। अखबार लगातार दावा करता रहा है कि शिक्षा विभाग में कुछ कथित माफिया अधिकारियों की मिलीभगत से विभिन्न योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हो रही हैं। उन रिपोर्टों में अरविंद सिंह का नाम भी प्रमुखता से उठाया जाता रहा था।राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि जब-जब अरविंद सिंह पर सवाल उठे, तब-तब सांसद सुधाकर सिंह उनके पक्ष में खड़े दिखाई दिए। लेकिन अब सांसद द्वारा स्वयं जारी पत्र में उनके खिलाफ नकारात्मक सूचनाओं और संदिग्ध आचरण का उल्लेख करते हुए उन्हें पद से हटाए जाने के निर्णय ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।

जानकार इसे केशव टाइम्स द्वारा लगातार उठाए गए मुद्दों की पुष्टि के रूप में देख रहे हैं।केशव टाइम्स ने पूर्व में प्रकाशित अपनी रिपोर्टों में आरोप लगाया था कि कथित शिक्षा माफिया अरविंद सिंह ने हाउसकीपिंग एजेंसी तथा साई इंटरप्राइजेज के माध्यम से शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं में बड़े स्तर पर अनियमितताएं और वित्तीय गड़बड़ियां कीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक जांच और पुष्टि होना अभी शेष है। मामले से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए तो कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।उधर, विभागीय सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि सांसद के शिक्षा सहयोगी पद से अरविंद सिंह को हटाए जाने के बाद शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।

हालांकि इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।सांसद सुधाकर सिंह के पत्र में यह भी उल्लेख है कि वर्ष 2024 में अरविंद सिंह को शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यों के सतत पर्यवेक्षण, अनुश्रवण और गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन के लिए अधिकृत सहयोगी बनाया गया था। अब उसी नियुक्ति को निरस्त करते हुए उन्हें सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया गया है।इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या संबंधित आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी।