डुमरांव का युवा बना जल संरक्षण का प्रहरी, “जलपुत्र” अजय राय की मुहिम से बच रहा हजारों लीटर पानी

जहां एक ओर पानी की बर्बादी आम बात बन चुकी है, वहीं डुमरांव का एक युवा अपने जज्बे और समर्पण से इस समस्या के खिलाफ अकेले ही मोर्चा संभाले हुए है। वार्ड संख्या 35, दक्षिण टोला डुमरेजनी रोड निवासी अजय राय आज पूरे इलाके में “जलपुत्र” के नाम से जाने जाते हैं। उनका अभियान न केवल जल संरक्षण की दिशा में एक मजबूत पहल है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गया है।

डुमरांव का युवा बना जल संरक्षण का प्रहरी, “जलपुत्र” अजय राय की मुहिम से बच रहा हजारों लीटर पानी

__ निजी खर्च से नलों में टोटी लगाकर रोकी बर्बादी, नुक्कड़ नाटक से फैला रहे जागरूकता का संदेश

केटी न्यूज/डुमरांव:

जहां एक ओर पानी की बर्बादी आम बात बन चुकी है, वहीं डुमरांव का एक युवा अपने जज्बे और समर्पण से इस समस्या के खिलाफ अकेले ही मोर्चा संभाले हुए है। वार्ड संख्या 35, दक्षिण टोला डुमरेजनी रोड निवासी अजय राय आज पूरे इलाके में “जलपुत्र” के नाम से जाने जाते हैं। उनका अभियान न केवल जल संरक्षण की दिशा में एक मजबूत पहल है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गया है।अजय राय पिछले कई वर्षों से लगातार जल बचाने के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने अपने निजी खर्च से नगर और आसपास के क्षेत्रों में हजारों नलों में टोटी लगवाकर पानी की अनावश्यक बर्बादी को रोका है।

अक्सर देखा जाता है कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना टोटी के नल लगातार बहते रहते हैं, जिससे प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ चला जाता है। अजय ने इसी समस्या को अपना लक्ष्य बनाकर इसे जड़ से खत्म करने का बीड़ा उठाया।उनकी मुहिम केवल तकनीकी सुधार तक सीमित नहीं है। वे जनजागरूकता पर भी विशेष जोर देते हैं। इसके लिए वे चौक-चौराहों, स्कूलों, कोचिंग संस्थानों और गांवों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण का महत्व समझाते हैं। खासकर बच्चों और युवाओं को वे यह सिखाते हैं कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर हम बड़े स्तर पर पानी बचा सकते हैं।अजय का समर्पण इस कदर है कि देर रात भी यदि कहीं पानी की बर्बादी की सूचना मिलती है, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे ठीक करने में जुट जाते हैं।

उनका यह जुनून उन्हें आम लोगों से अलग पहचान दिलाता है और यही कारण है कि लोग उन्हें सम्मानपूर्वक “जलपुत्र” कहकर पुकारते हैं।उनके उत्कृष्ट कार्यों को कई मंचों पर सराहा भी गया है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है, वहीं भारत सरकार ने भी उन्हें गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था। नगर परिषद ने उनके योगदान को मान्यता देते हुए राजगढ़ चौक पर उनका शिलापट्ट स्थापित कराया है।अजय राय का कहना है कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। उनका मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपने स्तर पर थोड़ा-सा प्रयास करे, तो पानी की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।