यूट्यूब से सीखी तकनीक, रामपुर के किशोर राज रौशन बना गोल्ड मेडलिस्ट, जनप्रतिनिधियों ने किया सम्मानित
प्रखंड क्षेत्र के रामपुर गांव के 16 वर्षीय किशोर राज रौशन ने अपनी मेहनत और लगन से पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है। गया में आयोजित राज्य स्तरीय आर्म रेसलिंग (पंजा) जूनियर प्रतियोगिता 2026 के अंडर-60 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए उसने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से करीब 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें राज रौशन ने दमदार खेल दिखाते हुए फाइनल मुकाबले में जीत हासिल की।
केटी न्यूज/केसठ।
प्रखंड क्षेत्र के रामपुर गांव के 16 वर्षीय किशोर राज रौशन ने अपनी मेहनत और लगन से पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है। गया में आयोजित राज्य स्तरीय आर्म रेसलिंग (पंजा) जूनियर प्रतियोगिता 2026 के अंडर-60 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए उसने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। प्रतियोगिता में बिहार के विभिन्न जिलों से करीब 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें राज रौशन ने दमदार खेल दिखाते हुए फाइनल मुकाबले में जीत हासिल की।राज रौशन की इस उपलब्धि पर रविवार को गांव में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों ने उसे फूल-माला, अंगवस्त्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सह वर्तमान केसठ मुखिया अरविंद कुमार यादव उर्फ गामा पहलवान, पंचायत समिति सदस्य मंजू कुमारी, ग्राम कचहरी सरपंच विष्णु देव पासवान, समाजसेवी सुमेश्वर यादव, बिपिन पासवान, अमरजीत पासवान सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करते हुए मुखिया अरविंद कुमार यादव ने कहा कि इस तरह की उपलब्धियां क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने सभी युवकों से खेलकूद में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपने क्षेत्र का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं 5 से 7 बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जीत हासिल कर चुके हैं।

राज रौशन वर्तमान में आईटीआई का छात्र है। उसकी सफलता की खास बात यह है कि उसने आर्म रेसलिंग की शुरुआत किसी बड़े कोचिंग संस्थान से नहीं, बल्कि यूट्यूब के माध्यम से की। वीडियो देखकर सीखी गई तकनीक और नियमित अभ्यास ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाया। सम्मान समारोह के दौरान राज रौशन के परिवारजनों की आंखें खुशी से नम हो गईं। वहीं उसे देखने के लिए आसपास के गांवों से लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। राज रौशन ने बताया कि उसकी सफलता के पीछे परिवार का पूरा सहयोग रहा है। उसने कहा कि उसका सपना राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना है और इसके लिए वह दिन-रात मेहनत कर रहा है। उसने बताया कि आगामी 29 मई को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने की तैयारी कर रहा है।

-- प्रेरणा बनी सफलता की कहानी
राज रौशन की यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों की कमी को अपनी कमजोरी मानते हैं। उसने साबित कर दिया कि मजबूत इरादे और सच्ची मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
-- मोबाइल का सही इस्तेमाल बना सफलता की कुंजी
राज रौशन ने यह दिखा दिया कि मोबाइल का सही उपयोग सफलता की राह खोल सकता है। जहां आज के युवा मोबाइल को केवल मनोरंजन का साधन मानते हैं, वहीं उसने यूट्यूब के माध्यम से नई तकनीक सीखकर खुद को एक गोल्ड मेडलिस्ट के रूप में स्थापित किया।

