नहर किनारे उतरे अफसर, झाड़ू थामी और दिया स्वच्छता का संदेश

स्वच्छता को महज सरकारी अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी से जोड़ने की पहल के तहत गुरुवार को बक्सर में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के अंतर्गत ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी साहिला के नेतृत्व में नाथ बाबा पुल से ज्योति चौक तक सोन नहर की शाखा के किनारे विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की गई।

नहर किनारे उतरे अफसर, झाड़ू थामी और दिया स्वच्छता का संदेश

__ ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के तहत नाथ बाबा पुल से ज्योति चौक तक चला श्रमदान अभियान, जनभागीदारी से स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने पर जोर

केटी न्यूज/बक्सर

स्वच्छता को महज सरकारी अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे जनभागीदारी से जोड़ने की पहल के तहत गुरुवार को बक्सर में ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के अंतर्गत ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी साहिला के नेतृत्व में नाथ बाबा पुल से ज्योति चौक तक सोन नहर की शाखा के किनारे विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की गई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मियों ने खुद श्रमदान कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।अभियान के दौरान नहर किनारे जमा कचरे और गंदगी की सफाई की गई। अधिकारियों ने आसपास के लोगों से सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने तथा स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की।

अधिकारियों ने कहा कि किसी भी शहर या गांव की स्वच्छता केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है। इसमें आम लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।जिलाधिकारी साहिला ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को स्वयं आगे बढ़कर स्वच्छता गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, गलियों, मोहल्लों, विद्यालयों और कार्यालय परिसरों को स्वच्छ रखने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। जनभागीदारी के माध्यम से ही स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ समाज की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया जा सकता है।उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने कहा कि श्रमदान के माध्यम से लोगों में स्वच्छता के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होती है।

जब लोग अपने आसपास की सफाई में स्वयं भागीदारी करते हैं तो उसका सकारात्मक असर पूरे समाज पर पड़ता है।अपर समाहर्त्ता ने आम लोगों से अपने आसपास के क्षेत्रों में कम से कम एक घंटा श्रमदान कर अभियान में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को किसी विशेष दिवस या अभियान तक सीमित रखने के बजाय इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।अभियान में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, वरीय उप समाहर्त्ता, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, निदेशक डीआरडीए, निदेशक एनईपी, जिला समन्वयक, प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, लोहिया स्वच्छता अभियान के जिला सलाहकार समेत अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।