डुमरांव में सफाई एजेंसी का टेंडर रद्द, अब नए सिरे से होगी निविदा
नगर परिषद डुमरांव में सफाई व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नियमों की अनदेखी कर सफाई एजेंसी के चयन और कार्यादेश दिए जाने के मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर ‘केस फैसिलिटी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ का टेंडर, अनुबंध और कार्यादेश रद्द कर दिया गया है।

केटी न्यूज/डुमरांव।
नगर परिषद डुमरांव में सफाई व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नियमों की अनदेखी कर सफाई एजेंसी के चयन और कार्यादेश दिए जाने के मामले में जिलाधिकारी के निर्देश पर ‘केस फैसिलिटी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड’ का टेंडर, अनुबंध और कार्यादेश रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट तथा विभागीय जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर की गई है।मामले की शुरुआत शिकायतकर्ता मोहन मिश्रा की ओर से प्रथम अपीलीय प्राधिकार और राज्य सरकार के सहयोग पोर्टल पर दर्ज शिकायत से हुई।

शिकायत में तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी और कुछ जनप्रतिनिधियों की कथित मिलीभगत से एजेंसी को नियम विरुद्ध काम सौंपे जाने का आरोप लगाया गया था। शिकायत की जांच के दौरान विभागीय निर्देशों की अनदेखी का मामला सामने आया।जांच में पाया गया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत 9 अप्रैल 2025 को जारी पत्र संख्या 1359 के माध्यम से नए टेंडर पर रोक संबंधी निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा सफाई एजेंसी का चयन कर कार्यादेश जारी कर दिया गया। एसडीएम डुमरांव की जांच रिपोर्ट में भी बोर्ड के निर्णय को अविवेकी बताते हुए विभागीय नियमों के उल्लंघन की बात कही गई थी।

वहीं, नगर विकास विभाग के 7 जुलाई 2025 के पत्र संख्या 2551 में पुरानी निविदा रद्द कर ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से नए सिरे से पारदर्शी निविदा प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया गया था। इसी के आलोक में वर्तमान एजेंसी से सफाई कार्य वापस ले लिया गया है।नगर परिषद के ईओ राहुलधर दुबे ने बताया कि 28 मार्च 2025 को एजेंसी का चयन कर वर्क ऑर्डर जारी किया गया था, जिसे जांच रिपोर्ट और विभागीय निर्देशों के बाद रद्द कर दिया गया है। अब संशोधित दिशा-निर्देशों और नए मॉडल आरएफपी के आधार पर पारदर्शी तरीके से नई निविदा निकाली जाएगी।

