गंगा उफनाई, खतरे की दहलीज पर बक्सर; रामरेखा घाट के विवाह मंडप डूबे
गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बक्सर में बाढ़ की आहट तेज कर दी है। नदी का पानी अब चेतावनी बिंदु को पार कर खतरा निशान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार की शाम छह बजे केंद्रीय जल आयोग के आंकड़े के अनुसार बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.45 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर और खतरा निशान 60.32 मीटर है। यानी गंगा अब खतरे के निशान से महज 87 सेंटीमीटर नीचे रह गई है।


__ चेतावनी बिंदु पार कर 59.45 मीटर पहुंचा जलस्तर, खतरा निशान से सिर्फ 87 सेंटीमीटर नीचे · एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी, नाव परिचालन पर रोक
केटी न्यूज/बक्सर।
गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बक्सर में बाढ़ की आहट तेज कर दी है। नदी का पानी अब चेतावनी बिंदु को पार कर खतरा निशान की ओर तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार की शाम छह बजे केंद्रीय जल आयोग के आंकड़े के अनुसार बक्सर में गंगा का जलस्तर 59.45 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी बिंदु 59.32 मीटर और खतरा निशान 60.32 मीटर है। यानी गंगा अब खतरे के निशान से महज 87 सेंटीमीटर नीचे रह गई है। जलस्तर में करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि होने के कारण अगले कुछ घंटे बक्सर के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।गंगा के उफान का असर घाटों पर दिखाई देने लगा है। रामरेखा घाट पर शुक्रवार को पुराने विवाह मंडप में पानी घुसने के बाद शनिवार को नए विवाह मंडप में भी गंगा का पानी प्रवेश कर गया। पानी बढ़ने से घाट पर रहने वाले पंडा बंधुओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घाट की कई सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी हैं। नदी का पानी जिस तेजी से ऊपर चढ़ रहा है, उससे घाटों के अन्य हिस्सों में भी पानी पहुंचने की आशंका बढ़ गई है।

__ निचले इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने नदी किनारे बसे निचले इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बक्सर शहर में सोन नहर के आसपास तथा गंगा के समीपवर्ती निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग लगातार नदी के बढ़ते पानी पर नजर रख रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी संभावित बाढ़ को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।हालांकि, फिलहाल गंगा खतरा निशान से नीचे है और जिले में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। लेकिन जलस्तर बढ़ने की मौजूदा रफ्तार ने प्रशासन की चिंता जरूर बढ़ा दी है। बाढ़ नियंत्रण विभाग और प्रशासनिक अधिकारी नदी के जलस्तर तथा संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

__ नाव परिचालन पर पूरी तरह रोक
बढ़ते जलस्तर और नदी में संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने गंगा में नाव परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। लोगों को नदी में उतरने और घाटों के खतरनाक हिस्सों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी किनारे नहीं जाने की अपील की गई है।

__ एक मीटर से भी कम बचा फासला
गंगा का जलस्तर जिस गति से बढ़ रहा है, उसे देखते हुए खतरा निशान अब दूर नहीं है। 60.32 मीटर के खतरा निशान से महज 87 सेंटीमीटर नीचे बह रही गंगा में यदि वृद्धि की मौजूदा रफ्तार बनी रही तो स्थिति तेजी से बदल सकती है। प्रशासन की निगाह अब हर घंटे बदल रहे जलस्तर पर टिकी है।नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन गंगा के तेवर ने बक्सर में संभावित बाढ़ को लेकर खतरे की घंटी जरूर बजा दी है।

