डुमरेजनी मंदिर में उतरे नगर परिषद के अधिकारी, झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश
स्वच्छता का संदेश देने के लिए गुरुवार को डुमरांव नगर परिषद के अधिकारी खुद जमीन पर उतरे। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत ऐतिहासिक डुमरेजनी मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। नगर परिषद की टीम ने मंदिर परिसर से लेकर मुख्य द्वार और आसपास की गलियों तक सघन सफाई कर कचरा व झाड़ियों को हटाया।

__ स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत चला विशेष सफाई अभियान, ईओ ने कहा—धार्मिक स्थलों की सफाई सामूहिक जिम्मेदारी
केटी न्यूज/डुमरांव।
स्वच्छता का संदेश देने के लिए गुरुवार को डुमरांव नगर परिषद के अधिकारी खुद जमीन पर उतरे। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत ऐतिहासिक डुमरेजनी मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। नगर परिषद की टीम ने मंदिर परिसर से लेकर मुख्य द्वार और आसपास की गलियों तक सघन सफाई कर कचरा व झाड़ियों को हटाया। अभियान का खास पहलू यह रहा कि सफाई की कमान संभालने वाले अधिकारी केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं रहे, बल्कि हाथ में झाड़ू लेकर खुद श्रमदान करते नजर आए।नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुलधर दुबे और स्वच्छता पदाधिकारी राजीव कुमार की मौजूदगी में सफाईकर्मियों ने मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्सों की सफाई की। ईओ ने सफाईकर्मियों के साथ मिलकर झाड़ू लगाई और जगह-जगह जमा कचरे को हटाया।

अधिकारियों को सफाई में जुटा देख मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भी उत्साह नजर आया।सफाई अभियान के बाद ईओ राहुलधर दुबे ने कहा कि धार्मिक स्थलों की स्वच्छता केवल नगर परिषद की जिम्मेदारी नहीं है। मंदिर जैसे सार्वजनिक और आस्था के केंद्रों को साफ रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि कचरा इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित स्थान पर डालें और स्वच्छता अभियान को दैनिक आदत का हिस्सा बनाएं।स्वच्छता पदाधिकारी राजीव कुमार ने लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि डुमरेजनी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना होता है, ऐसे में परिसर की स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।अभियान के दौरान एकत्र कचरे को नगर परिषद की वाहनों से तत्काल उठाकर निस्तारित किया गया। मौके पर नगर परिषद के कर्मचारी, स्वच्छता पर्यवेक्षक और स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे।

