नो-एंट्री तोड़ना पड़ा भारी, डुमरांव में 19 ट्रक जब्त
डुमरांव के जर्जर स्टेशन रोड पर भारी वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक का उल्लंघन करना शनिवार की रात ट्रक चालकों को भारी पड़ गया। एसडीएम राजीव कुमार के निर्देश पर डुमरांव पुलिस ने रातभर विशेष अभियान चलाकर नो-एंट्री में प्रवेश कर रहे कुल 19 ट्रकों को पकड़ा।

__ एसडीएम के निर्देश पर रातभर चला अभियान, बालू लदे वाहनों को खनन विभाग के हवाले किया गया; चालकों में मचा हड़कंप
केटी न्यूज/डुमरांव।
डुमरांव के जर्जर स्टेशन रोड पर भारी वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक का उल्लंघन करना शनिवार की रात ट्रक चालकों को भारी पड़ गया। एसडीएम राजीव कुमार के निर्देश पर डुमरांव पुलिस ने रातभर विशेष अभियान चलाकर नो-एंट्री में प्रवेश कर रहे कुल 19 ट्रकों को पकड़ा। कार्रवाई की खबर मिलते ही ट्रक चालकों में हड़कंप मच गया और स्टेशन रोड पर अफरातफरी की स्थिति बन गई।बताया जाता है कि स्टेशन रोड की जर्जर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद लगातार ट्रकों के इस मार्ग से गुजरने की शिकायतें एसडीएम को मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शनिवार की रात पुलिस को अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।

इसके बाद थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विभिन्न स्थानों पर वाहनों की जांच शुरू की। अभियान के दौरान खाली और बालू लदे समेत 19 ट्रक नो-एंट्री का उल्लंघन करते पकड़े गए।कार्रवाई के बाद प्रशासन ने सभी वाहनों की सूचना खनन विभाग को दी। नो-एंट्री उल्लंघन का जुर्माना लेने के साथ बालू लदे ट्रकों को खनन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। विभाग द्वारा वाहनों के ओवरलोडिंग समेत अन्य बिंदुओं की जांच की गई और नियमानुसार जुर्माना लगाया गया। वहीं, खाली ट्रकों से नो-एंट्री उल्लंघन का जुर्माना वसूलने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।गौरतलब है कि डुमरांव स्टेशन रोड की बदहाल स्थिति को लेकर स्वयं शक्ति संगठन की ओर से धरना और भूख हड़ताल की गई थी।

इसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से स्टेशन रोड पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। बावजूद इसके चोरी-छिपे ट्रकों के परिचालन की शिकायतें सामने आ रही थीं।इधर, चर्चा है कि शनिवार को कुछ लोगों द्वारा स्टेशन रोड पर ट्रकों का परिचालन बहाल होने की अफवाह फैलाई गई थी। इसके बाद कई ट्रक चालक उक्त मार्ग पर पहुंच गए। हालांकि प्रशासन की सख्ती के कारण उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ा।थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पकड़े गए खाली ट्रकों से जुर्माना वसूलने के बाद छोड़ दिया गया है, जबकि बालू लदे ट्रकों को खनन विभाग को सौंप दिया गया है।

