24 करोड़ की सड़क सात दिन में बैठी, चौसा आरओबी पर भ्रष्ट निर्माण का आरोप
चौसा में करोड़ों रुपये की लागत से बने रेल ओवरब्रिज (आरओबी) की पहुंच पथ उद्घाटन के महज सात दिन बाद ही धंसने लगी है। सड़क के कई हिस्सों में दरारें उभर आई हैं, जबकि ऊपर बिछाई गई गिट्टियां भी उखड़कर बिखरने लगी हैं। इतनी जल्द सड़क के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इसे लेकर भारी आक्रोश है।

केटी न्यूज/चौसा
चौसा में करोड़ों रुपये की लागत से बने रेल ओवरब्रिज (आरओबी) की पहुंच पथ उद्घाटन के महज सात दिन बाद ही धंसने लगी है। सड़क के कई हिस्सों में दरारें उभर आई हैं, जबकि ऊपर बिछाई गई गिट्टियां भी उखड़कर बिखरने लगी हैं। इतनी जल्द सड़क के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में इसे लेकर भारी आक्रोश है।ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने गुणवत्ता मानकों की अनदेखी कर जल्दबाजी में काम पूरा किया। लोगों का कहना है कि पहुंच पथ के नीचे मिट्टी भरकर सड़क बना दी गई, लेकिन उचित दबाव परीक्षण और मजबूत बेस तैयार नहीं किया गया।

लगातार भारी वाहनों के गुजरने से मिट्टी बैठने लगी और सड़क धंस गई। कई जगहों पर सड़क का किनारा टूटने लगा है, जिससे हादसे की आशंका बढ़ गई है।स्थानीय लोगों ने बताया कि इस पहुंच पथ के निर्माण पर करीब 24 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसके बावजूद एक सप्ताह के भीतर सड़क का खराब हो जाना सरकारी निगरानी और तकनीकी जांच पर सवाल खड़ा कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि नई सड़क का यह हाल है तो आने वाले दिनों में पुल और पहुंच मार्ग की स्थिति और भी खतरनाक हो सकती है।

सड़क धंसने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई से बनने वाली योजनाओं में यदि इसी तरह खानापूर्ति और लापरवाही होगी तो विकास कार्यों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए और दोषी अधिकारियों व संवेदक पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

